Thursday , 12 December 2019
आज शीतकाल के लिए बंद होंगे बद्रीनाथ धाम के कपाट, चारधाम यात्रा का होगा समापन

आज शीतकाल के लिए बंद होंगे बद्रीनाथ धाम के कपाट, चारधाम यात्रा का होगा समापन

चमोली.उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित बद्रीनाथ धाम आज शीतकाल के लिए बंद होने जा रहा है. इसके साथ ही इस साल की चारधाम यात्रा का भी समापन हो जाएगा. वहीं मंदिर समिति के द्वारा कपाट बंद करने की सारी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई है. मंदिर समिति ने सिंहद्वार को फूलों से सजा लिया है. बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होने की वैदिक परिक्रियाएं रविवार सुबह 4 बजे से शुरू हो चुकी है. धर्माधिकारी भुवन उनियाल ने बताया कि सबसे पहले बाबा बद्री का महाभिषेक किया गया. इसके बाद बद्रीनाथ जी का साधु वेश में फूलों से श्रंगार किया गया और उन्हें फूलों का हार पहनाया गया. वहीं भगवान का वर्ष का अंतिम भोग लगने के बाद डेढ़ बजे से सांयकालीन पूजाएं शुरू की जाएंगी. सांय 3 बजे मुख्य पुजारी रावल जी स्त्र सखी का भेष धारकर मां लक्ष्मी जी को उनके लक्ष्मी मंदिर से बाहर आने और गर्भगृह में नारायण के साथ शीतकाल में विराजने का न्यौता देंगे. इसके बाद साढे 3 बजे नारायण के बड़े भाई उद्धव एवं खजांची कुबेर के चल विग्रह को गर्भगृह में स्थित बदरीश पंचायत से बाहर लाया जाएगा और रावल द्वारा लक्ष्मी जी की प्रतिमा को गर्भ गृह में नारायण के साथ विराजमान किया जाएगा. गरूड़ को भी मंदिर से बाहर लाया जाएगा. नारायण की प्रतिमा पर घी का लेप किया जाएगा और माणा की कन्याओं द्वारा बनुकर मंदिर को दिया गया घृत कंबल उन्हें पहनाया जाएगा और अखंड दीप प्रज्वलित किया जाएगा. इसके बाद ठीक 5 बजकर 3 मिनट पर नारायण के गर्भगृह के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे. धर्माधिकारी भुवन उनियाल ने बताया कि 18 नवंबर की सुबह 9 बजे के लगभग उद्धव, कुबेर एवं गद्दी पांडुकेश्वर के लिए रवाना होगी.