Monday , 22 October 2018

प्रचार-प्रसार के अभाव में दम तोड़ती प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना

डूंगरपुर, 14 सितम्बर (उदयपुर किरण). महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा महिलाओं के लिए कई प्रकार की योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन प्रचार-प्रसार के अभाव में इन योजनाओं का लाभ गर्भवती महिलाओं को नहीं मिल पा रहा है. ऐसा ही एक मामला डूंगरपुर जिले में सामने आ रहा है जहां प्रचार प्रसार के अभाव में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना दम तोड़ती नजर आ रहा है. दरअसल यह योजना 1 जनवरी 2017 से देशभर में शुरू की थी. इसका उद‍्देश्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने एवं मातृ व शिशु मृत्यु दर को कम करने के साथ ही हाई रिस्क वाली गर्भवती महिलाओं की समय से पूर्व पहचान करना है. इसके अंतर्गत महिला के गर्भवती होने पर तीन अलग अलग चरणों में पांच हजार रुपये के नगद पुरस्कार प्रदान किये जाते है. यह राशि महिला एवं बाल विकास विभाग की तरफ से जरूरी कागजी कार्यवाही होने के बाद लाभार्थी के बैंक खाते में सीधे हस्तानान्तरित हो जाती है. योजना में एएनएम व दूसरी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओ सहित आशा सहयोगिनी को भी शामिल किया गया है. उक्त योजना के तहत गांवो में महिला के गर्भवती होने पर आशा सहयोगिनी उन्हें सरकारी अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों तक लाएगी जहां उनका पंजीकरण कराने के साथ ही टीकाकरण कार्ड तैयार किया जाता है.
प्रधानमंत्री मातृवन्दना योजना में पूरे भारतवर्ष में राजस्थान प्रथम स्थान पर है वही प्रदेश में हनुमानगढ़ जिला प्रथम स्थान पर है तथा मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का गृह निर्वाचन क्षेत्र झालावाड़ जिला लक्ष्य अर्जित करने में प्रदेश में दूसरे स्थान पर है जबकि डूंगरपुर जिला योजना की लक्ष्य प्राप्ति में फिसड्डी साबित हुआ है. जिले सहित ग्रामीण क्षेत्रो में योजना की सही मोनिटरिंग व प्रचार-प्रसार का अभाव है जिस वजह से ग्रामीण क्षेत्र के लोगो को योजना की सटीक जानकारी तक उपलब्ध नही है वही जिले के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा सहयोगिनी व सुपरवाइजर की कार्य के प्रति उदासीनता के चलते डूंगरपुर जिला प्रदेश में 25वें स्थान पर है.
तीन चरणों में पुरस्कार राशि का भुगतान
योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को पंजीकरण होने के साथ ही एक हजार रुपये का पुरस्कार प्रदान करना होता है. पंजीकरण होने के अलावा गर्भवती महिला की रक्त, यूरिन व हीमोग्लोबिन की सामान्य जांच की जाती है. गर्भवती महिला की दो माह में दूसरी जांच होती है जिसमे रूटीन चेकअप होता है. तीसरी जांच के समय गर्भवती महिला के गर्भ में पल रहे शिशु की जांच की जाती है. इसके अलावा महिला के आधार व भामाशाह कार्ड से खाते में दो हजार की पुरस्कार राशि स्थानांतरित की जाती है. महिला के प्रसव से पहले 9वें माह में जांच के समय शेष दो हजार रुपए की राशि प्रदान की जाएगी. इस योजना के तहत अतिजोखिम वाली गर्भवती महिलाओं का विभाग द्वारा लगातार फॉलोअप होता है.
सीडीपीओ महिला एवं बाल विकास विभाग, डूंगरपुर शकुंतला जोशी ने बताया कि योजना का लाभ लेने की लिए गर्भवती महिला का पंजीकरण करवाना आवश्यक है. गर्भवती महिला प्रत्येक माह में गुरुवार को आंगनबाड़ी केंद्र पर आकर मातृवंदना योजना का फार्म भर कर योजना का लाभ ले सकती है.
उपनिदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग लक्ष्मी चरपोटा का कहना है कि डूंगरपुर ट्राइबल एरिया होने की वजह से यहां पर लक्ष्य अर्जित कर पाना थोड़ा मुश्किल है, जिसकी वजह से डूंगरपुर जिला 25वें स्थान पर है. आशा सहयोगनियों व सीडीपीओ को पाबंद कर योजना का प्रचार-प्रसार करवाया जाएगा.

Report By Udaipur Kiran

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