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10 अक्टूबर से नवरात्र, तैयारियां शुरू

बेगूसराय, 06 अक्टूबर (उदयपुर किरण). भक्ति के माध्यम से शक्ति पाने तथा सर्व मंगल के पावन मां दुर्गा पूजनोत्सव (नवरात्रि) की तैयारी शुरू हो चुकी है. 10 अक्टूबर को सुबह कलश स्थापना के साथ हर ओर ‘या देवी सर्वभूतेषु…’ की गूंज शुरू हो जाएगी. समापन 19 अक्टूबर को प्रतिमा विसर्जन के साथ होगा. मां दुर्गा की प्रतिमा तैयार हो चुकी है तथा उसका रंग रोगन, सजावट शुरू है. पंडालों का निर्माण जोर-शोर से चल रहा है. पंडालों को कहीं इंडिया गेट का रूप दिया जा रहा है तो कहीं ताजमहल, लाल किला, बद्रीनाथ मंदिर का.

कलश स्थापना की तैयारी शुरू कर दी गई है. पूजा के बाजार सज चुके हैं. इस वर्ष आश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा नौ अक्टूबर को सुबह 9:16 बजे से है लेकिन उदया तिथि की मान्यता केे अनुसार कलश स्थापना बुधवार 10 अक्टूबर को होगा. शास्त्र अनुसार ब्रह्म मुहूर्त आराधना के लिए सर्वोत्तम माना गया है. उसी मुहूर्त में कलश स्थापना कर मां की आराधना शुरू करने से सर्व विधि मंगल होता है.

पंडित आशुतोष झा बताते हैं कि 10 अक्टूबर को सुबह 8:06 तक कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त तथा सर्व सिद्धि योग है. देवी भागवत के अनुसार बुधवार से नवरात्र शुरू होने के कारण मां दुर्गा कैलाश लोक से नौका द्वारा पृथ्वी लोक पर आ रही हैं जो कि सर्वसिद्ध फलदायी हैं. मां की आराधना श्रद्धापूर्वक करने से भक्तों को जहां सपरिवार शुभ फल मिलेगा, वहीं समाज, देश, दुनिया के लिए भी शुभदायी है. 10 अक्टूबर को कलश स्थापना के साथ मां के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की आराधना होगी. 11 अक्टूबर को द्वितीय स्वरूप ब्रह्मचारिणी, 12 अक्टूबर को चंद्रघंटा स्वरूप, 13 अक्टूबर को कुष्मांडा स्वरूप, 14 अक्टूबर को स्कंदमाता स्वरूप, 15 को अक्टूबर को कात्यायनी स्वरूप की पूजा के साथ विल्व निमंत्रण तथा 16 अक्टूबर को कालरात्रि स्वरूप की पूजा के बाद रात में देवी जागरण होगा.

महा अष्टमी व्रत 17 अक्टूबर को होगा तथा इस दिन मां के महागौरी स्वरूप की पूजा होगी. 18 अक्टूबर को मां दुर्गा के नवम स्वरूप सिद्धिदात्री की पूजा बाद हवन, ब्राह्मण भोजन, कुमारी पूजन एवं बलि प्रदान होगा. शुक्रवार 19 अक्टूबर को अपराजिता पूजा, कलश विसर्जन, जयंती धारण के साथ हाथी पर सवार होकर मां कैलाश लोक को प्रस्थान कर जाएंगी. देवी भागवत के अनुसार पंडितों का मत है कि हाथी पर देवी का प्रस्थान शुभदृष्टि फलदायी है. इससे धरती पर बारिश अच्छी होगी. किसानों के साथ तमाम लोग सुख, समृद्धि से परिपूर्ण होंगे.

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