Monday , 22 October 2018

हर ख्वाहिश पूरी हो, यह जरूरी तो नहीं पर सपनों की आदत बुरी तो नहीं : पीवी सिंधु

जयपुर, 07 अक्टूबर (उदयपुर किरण). वनस्थली विद्यापीठ के रविवार को आयोजित विशेष दीक्षान्त समारोह में चैम्पियन बैडमिण्टन खिलाडी पीवी सिंधु एवं वनस्थली की पूर्व छात्राओं, फ्लाइंग ऑफिसर अवनी चतुर्वेदी, प्रथम भारतीय महिला एकल लड़ाकू विमान चालक तथा अनुराधा सिंह, हॉलीवुड महिला फिल्म संपादक को उनके कार्यक्षेत्र में असाधारण उपलब्धियों एवं विशेष योगदान के लिए विद्यापीठ द्वारा डॉक्टरेट की मानद उपाधि दी गई.

कुलपति प्रो. आदित्य शास्त्री के समारोह आरंभ होने की घोषणा करते ही वनस्थली की परम्परा के अनुसार मंगलाचरण एवं वनस्थली गीतिका के बाद कुलपति ने अतिथियों का स्वागत किया. इस अवसर पर समारोह को सम्बोधित करते हुए अवनी चतुर्वेदी ने कहा कि चार साल पहले वे छात्राओं के बीच बहुत सारे सपनों को संजोएं बैठी थी. आज फिर से विद्यापीठ की यूनीफॉर्म को पहनकर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रही है. वनस्थली ने उन्हें विनम्र रहकर आकाश में उड़ान भरने का सपना देखने में मदद की. उन्होंने अपनी सफलता के लिए शारीरिक योग्यता, अनुशासन और परिश्रम को श्रेय दिया. विद्यापीठ की अध्यक्ष प्रो. चित्रा पुरोहित ने अवनी चतुर्वेदी को डॉक्टरेट की मानद् उपाधि प्रदान की. हॉलीवुड की महिला फिल्म संपादक अनुराधा सिंह ने कहा कि वनस्थली व उनके पिता ने उन्हें सपने देखना सिखाया. कई वर्षों के संघर्ष के उपरान्त वे हॉलीवुड तक पहुंची. कोशिश करते हुए ही हम अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते है. कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती.

उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि हर ख्वाहिश पूरी हो, यह जरूरी तो नहीं पर सपनों की आदत बुरी तो नहीं. विद्यापीठ की अध्यक्ष प्रो. चित्रा पुरोहित ने अनुराधा सिंह को डॉक्टरेट की मानद् उपाधि प्रदान की. विश्वविख्यात बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने छात्राओं को सफलता के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कठिन परिश्रम, एकाग्रता, निष्ठा व दृढ संकल्प होना आवश्यक है. जीवन में कुछ भी असंभव नहीं है. प्रो. पुरोहित ने सिंधु को डॉक्टरेट की मानद् उपाधि प्रदान की. अंत में विद्यापीठ के उपाध्यक्ष प्रो. सिद्धार्थ शास्त्री ने तीनों दीक्षार्थियों, उनके परिजनों एवं उपस्थित जनसमूह का आभार जताया.

अतिथियों ने वीरबाला मैदान में विद्यापीठ की छात्राओं के घुड़सवारी कौशल एवं मारूत मैदान में विद्यापीठ के फ्लाइंग क्लब की छात्राओं द्वारा फ्लाइंग कौशल का अवलोकन किया. अतिथियों ने विद्यापीठ के प्रमुख विभागों में से कतिपय विभागों स्कूल ऑफ डिजायन, स्कूल ऑफ ऑटोमेशन आदि की गतिविधियों का अवलोकन करने के उपरान्त सुर मंदिर में शास्त्रीय व लोक गायन एवं नृत्य के विभिन्न कार्यक्रमों का आनन्द लिया.

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