Monday , 15 October 2018

हर तीसरा बच्चा इंटरनेट पर बदसलूकी का शिकार

न्‍यूयॉर्क. संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक 11 से 16 साल के बच्चों के खिलाफ इंटरनेट पर बदसलूकी की घटनाएं बढ़ी हैं. दुनिया भर में लगभग 13 करोड़ या हर तीन में से एक बच्चा किसी न किसी तरह की धमकी का शिकार है. बच्चों के खिलाफ हिंसा पर सोमवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक इस आयुवर्ग के बच्चों के खिलाफ इंटरनेट पर बदसलूकी के मामले 2010 के सात प्रतिशत की तुलना में 2014 में बढ़कर 12 प्रतिशत हो गए.

यूएन महासचिव की बच्चों के खिलाफ हिंसा मामलों की विशेष प्रतिनिधि मार्टा सैंटोस पाइस ने कहा कि किसी भी तरह की हिंसा से संरक्षण हासिल करना बच्चों का मौलिक मानवाधिकार है. उन्होंने कहा कि बच्चों के खिलाफ हिंसा या धमकी देने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए. रिपोर्ट के मुताबिक इंटरनेट पर हिंसक बर्ताव से बच्चों पर बुरा असर होता है. यह स्थायी असर छोड़ता है. अध्ययन के मुताबिक 11 से 18 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 20 प्रतिशत बच्चे कहते हैं कि वे ऑनलाइन आक्रामकता या धमकी के शिकार हुए हैं.

स्कूल छोड़ने की बड़ी वजह

यूएन की अध्ययन रिपोर्ट के अनुसार इथियोपिया, भारत, पेरू और वियतनाम के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि बच्चों के स्कूल छोड़ने या स्कूल जाने से बचने की सबसे बड़ी वजह शिक्षकों और अन्य छात्रों का बुरा बर्ताव है.

http://udaipurkiran.in/hindi

Loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*