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मां पर चढ़ाने के लिए कोल्ड-स्टोरेज में रखे गए कमल की देशभर में सप्लाई

कोलकाता, 10 अक्टूबर (उदयपुर किरण). विगत कई सालों में पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में आलू, प्याज, टमाटर आदि फसलों को संरक्षित करने के लिए कोल्ड स्टोरेज का निर्माण कराया है. अब इसका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर दुर्गा पूजा के सीजन में मां पर चढ़ाए जाने के लिए इस्तेमाल होने वाले कमल के फूलों को संरक्षित कर रखने के लिए किया जा रहा है. इससे राज्य भर के फूल उत्पादक किसानों को बेहद राहत मिली है.

राज्य कृषि विभाग की ओर से बुधवार को इस बारे में विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी गई है. इसमें बताया गया है कि मां दुर्गा की पूजा के लिए विशेष तौर पर कमल के फूलों को चढ़ाया जाता है. इन फूलों को एक बार पानी से तोड़ लेने के बाद 24 घंटे से अधिक समय तक बचाकर रखना संभव नहीं हो पाता, क्योंकि थोड़ी-सी भी गर्मी में ये मुरझा जाते हैं. ऐसे में राज्य भर में बने कोल्ड स्टोरेज मददगार साबित हुए हैं. यहां राज्य भर के लाखों किसानों ने 50 लाख कमल के फूलों को कोल्ड स्टोरेज में रखा है जो पूजा के समय स्टोरेज से निकालकर देश के विभिन्न हिस्सों समेत राज्यभर में पहुंचाए जाएंगे.

ज्ञात हो कि मां की पूजा में कमल के फूलों की इतनी अहमियत है कि पूरे देश में पश्चिम बंगाल से बड़े पैमाने पर कमल के फूलों का निर्यात किया जाता है. पश्चिम बंगाल में उगने वाले फूल थोड़ी अच्छी गुणवत्ता वाले होते हैं इसलिए देशभर में इसकी मांग अधिक है. इस लिहाज से भी इस फूल की खेती करने वालों को कोल्ड स्टोरेज में रखकर सप्लाई करने से काफी लाभ हो रहा है क्योंकि फूल मुरझाने से बच जाते हैं.

विज्ञप्ति में बताया गया है कि हाल के दिनों में पश्चिम बंगाल सरकार ने हावड़ा जिले के बागनान में और पूर्व मेदिनीपुर के पांसकूड़ा में बहुआयामी कोल्ड स्टोरेज का निर्माण कराया है जहां बड़े पैमाने पर कमल के फूलों को रखा गया है. इसमें यह भी बताया गया है कि राज्य कृषि विभाग फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए और भी कदम उठाएगा.

उल्लेखनीय है कि दुर्गा मां की पूजा में विशेष तौर पर कमल के फूलों का इस्तेमाल होता है. ऐसा बताया जाता है कि रामायण काल में भी भगवान राम ने समुद्र पर पुल बनाने से पहले कमल के फूल चढ़ाकर मां दुर्गा का आह्वान किया था, जिसके बाद प्रकट होकर मां ने उन्हें विजयी होने का आशीर्वाद दिया था.

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