Tuesday , 11 December 2018
महाराष्ट्र सहित देश के पांच राज्यों के बजट जितनी रकम पिछले तीन माह में शेयर बाजार ले डूबा

महाराष्ट्र सहित देश के पांच राज्यों के बजट जितनी रकम पिछले तीन माह में शेयर बाजार ले डूबा

मुंबई, 10 अक्टूबर (उदयपुर किरण). पिछले तीन महीने के दौरान शेयर बाजार के निवेशकों को कुल 11,22,132.14 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है. पिछले तीन महीने के दौरान भारी गिरावट के बीच शेयर बाजार ने महाराष्ट्र समेत देश के 5 बड़े राज्यों के आम बजट के बराबर की रकम डूबा दी है. इसके अलावा बाजार में डूबी यह रकम भारत सरकार के रक्षा और सामान्य सेवाओं पर खर्च की जानेवाली निधि से भी कई गुना ज्यादा है.

बता दें कि भारत सरकार करीय बजट के अंतर्गत राज्यों की ओर से जो सकल कर राजस्व मिलता है, उसकी तुलना में शेयर बाजार में जो रकम पिछले तीन महीनों के दौरान डूबी है, वह केवल 9 फीसदी ही कम है. देश के विभिन्न राज्यों से केंद्र सरकार को कुल 2,71,241.56 करोड़ रुपए का टैक्स प्राप्त हुआ था. इसमें केंद्र सरकार का कर राजस्व 14,83,149.04 करोड़ रुपए था, जबकि समेकित निधि में शामिल न किए गए राज्यों से प्राप्त राजस्व 7,88,092.52 करोड़ रुपए रहा था. पिछले तीन महीनों के दौरान बाजार के निवेशकों ने अब तक कुल 14,10,214 करोड़ रुपए डूबा दिए हैं. यह रकम केंद्र सरकार को प्राप्त कर राजस्व 14,83,149 करोड़ रुपए से कुछ ही कम है. बाजार ने एक दिन में ही 3,79,124.70 करोड़ रुपए का नुकसान सहा था, जबकि साल भर के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से केंद्र सरकार को कुल 2,71,241.56 करोड़ रुपए का टैक्स प्राप्त हुआ था. लेकिन दलाल बाजार में निवेशकों और कंपनियों ने एक ही दिन में 3,79,124 करोड़ रुपए डूबा दिए.

गौरतलब है कि महाराष्ट्र सरकार ने वित्त वर्ष 2018-19 का आम बजट पेश करते हुए 2,85,967.96 करोड़ रुपए राजस्व प्राप्ति और 3,01,342.86 करोड़ रुपए राजस्व खर्च होने का अनुमान जताया था. बाजार में कारोबार के दौरान एक दिन में डूबी रकम से भी यह राजस्व काफी कम है. भारत सरकार ने सामान्य सेवाओं के लिए चालू वित्त वर्ष में 10,90,423.85 करोड़ रुपए का प्रावधान किया था. इस रकम की तुलना में शेयर बाजार के कारोबारियों ने केंद्र सरकार की ओऱ से सामान्य सेवाओं को उपलब्ध कराने के लिए जो रकम आवंटित की थी, उसका लगभग 13 प्रतिशत हिस्सा सौदेबाजी में ही डुबा दिया है.

भारत सरकार ने चालू वित्त वर्ष के दौरान रक्षा सेवाओं के लिए 1,95,273.51 करोड़ रुपए ही आवंटित किए हैं, जबकि दलाल बाजार के कारोबारियों ने रक्षा सेवाओं के लिए आवंटित रकम का 140 फीसदी हिस्सा डुबा दिया है. हालांकि केंद्र सरकार ने राजस्व संवितरण (सकल रेवेन्यु डिस्बर्समेंट) के तहत 24,09,895.12 करोड़ रुपए उपलब्ध कराए थे. यह बाजार की डूबी रकम की तुलना में लगभग 40 फीसदी कम है.

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