Wednesday , 12 December 2018
अफीम बुआई के लिए खसरा नकल और स्टाम्प की जरूरत नहीं

अफीम बुआई के लिए खसरा नकल और स्टाम्प की जरूरत नहीं

चित्तौडग़ढ़, 10 अक्टूबर (उदयपुर किरण). अफीम बुवाई करने वाले किसानों की परेशानी को कम करने के लिए नारकोटिक्स ब्यूरो ग्वालियर ने किसान हितैषी निर्णय लिए हैं. अफीम की खेती करने वाले किसान को अब खसरा नम्बर की प्रमाणित फोटो कॉपी देने की जरुरत नहीं है. अफीम बुवाई के लाइसेंस के लिए भरे जाने वाले आवेदन में किसानों को अब एक कॉलम में केवल खसरा नम्बर भरने होंगे. इस सम्बंध में नारकोटिक्स ब्यूरो ने मंगलवार को ही आदेश जारी किया है. अफीम बुवाई करने वाले किसानों की इस आदेश से भाग दौड़ कम होगी.

अफीम बुवाई करने वाले किसानों को लाइसेंस के लिए नारकोटिक्स विभाग में आवेदन करना होता है. अब तक आवेदन के साथ जिस खेत में बुवाई कर रहा है उसके खसरा नम्बर की पटवारी अथवा गिरदावर से प्रमाणित प्रति भी आवेदन के साथ जमा करवानी पड़ती थी. इसके लिए किसान को आवेदन भरने से पहले हर वर्ष पटवारी अथवा गिरदावर के चक्कर काटने पड़ते थे. इनके अवकाश पर होने अथवा ग्राम पंचायत में नहीं मिलने पर किसान की भाग दौड़ बढ़ जाती थी. लेकिन नारकोटिक्स ब्यूरो से मंगलवार को ही आदेश जारी हुआ है. इसके अनुसार इस वर्ष किसानों को आवेदन के साथ खसरा नम्बर की प्रमाणित प्रति देने की जरुरत नहीं पड़ेगी. किसान आवेदन में जो कॉलम दिए हैं, उनमें ही खसरा नम्बर भरेंगे. इसे ही नारकोटिक्स विभाग मान्य करेगा.

अब स्टाम्प की भी जरुरत नहीं

कई बार किसान पानी अथवा अन्य समस्याओं के चलते अपने पुश्तैनी खेत पर बुवाई नहीं कर किसी दूसरे गांव के खेत में बुवाई करता था. इन परिस्थितियों में लाइसेंस के लिए दिए जाने वाले आवेदन में किसान को एक स्टाम्प देना होता था. इसमें जहां खेती की जा रही है उस किसान की जमीन आदि का हवाला होता था. स्टाम्प के लिए किसान को कोर्ट व अधिवक्ताओं के चक्कर लगाने पड़ते थे. लेकिन अब किसान को इस नियम में भी सहूलियत दी गई है. किसान को स्टाम्प देने की जरुरत रही है. लाइसेंसी किसान व जिसका खेत है वह किसान सहमति पत्र देना होगा.

बाद में होगी मुखिया की नियुक्ति

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिला अफीम अधिकारी खंड प्रथम कार्यालय के तहत बुवाई वाले गांवों के मुखिया की नियुक्ति कुछ दिनों बाद होगी. हर वर्ष अफीम लाइसेंस वितरण के साथ ही मुखिया नियुक्त कर दिए जाते हैं. इस वर्ष अफीम लाइसेंस का वितरण जारी है. लेकिन मुखिया नियुक्त नहीं कर रहे. इस संबंध में जिला अफीम अधिकारी खंड-प्रथम चित्तौडग़ढ़ जगदीश महावल ने बताया कि नारकोटिक्स मुख्यालय से एक दिन पूर्व ही आदेश मिला है. अब किसानों को खेत के खसरा नम्बर की प्रति देने की जरुरत नहीं है. आवेदन में इसकी जानकारी भर सकते हैं. गांवों के मुखिया की नियुक्ति भी बाद में होगी.

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