Monday , 22 October 2018

चक्रवात तितली का कहर, 8 लोगों की मौत

भुवनेश्वर . बंगाल की खाड़ी में बन रहे दबाव के कारण आया चक्रवाती तूफान तितली अब और भी खतरनाक हो गया है. इस तूफान ने ओडिशा में दस्तक दे दी है. वहीं तितली ने गुरुवार को आंध्र प्रदेश में आठ लोगों की जान ले ली और साथ ही श्रीकाकुलम जिले में बड़े स्तर पर तबाही मचाई.

cyclone-titli राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) ने बताया कि तूफान के कारण श्रीकाकुलम जिले में भारी बारिश हुई जिससे सैकड़ों पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए. ओडिशा के गंजम और गजपति जिलों में गुरुवार सुबह दस्तक देने के बाद बेहद प्रचंड चक्रवात तितली के कारण पेड़ और खंभे उखड़ गए तथा कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हो गए.

राहत यह है कि राज्य के किसी हिस्से में अभी किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.चक्रवात से कम से कम तीन जिलों में भारी बारिश हुई और बिजली तथा संचार की समस्या पैदा हुई. विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) बीपी सेठी ने कहा, कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ या राज्य के किसी हिस्से से अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. गंजम और गजपति जिलों में थोड़ा नुकसान हुआ.

एसआरसी ने बताया कि बिजली आपूर्ति और टेलीफोन संपर्क बाधित हुआ तथा गजपति जिले में कई स्थानों पर पेड़ उखड़ने से सड़क संपर्क बाधित हुआ. राज्य के तटीय इलाकों से करीब 3 लाख लोगों को पहले ही बाहर निकाल लिया गया था. ओडिशा में 18 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है.

गोपालपुर में निचले इलाकों में रह रहे करीब 10 हजार लोगों को बुधवार की रात ही वहां से निकालकर सरकारी आश्रय गृहों में भेज दिया गया था. बताया जा रहा है कि तितली चक्रवात प्रति घंटे 140-150 किमी की गति से आगे बढ़ रहा है. ओडिशा के गोपालपुर में 102 किमी प्रति घंटा और आंध्र प्रदेश के कालिंगपत्तनम ने 56 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं.

ओडिशा और आंध प्रदेश दोनों राज्यों में ऐहतियातन एनडीआरएफ की टीमों को तैनात किया गया है. बुधवार को ही चक्रवाती तूफान से निपटने की तैयारियों का जायजा लेने के लिए ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने एक उच्चस्तरीय बैठक की थी.

मौसम विभाग की सूचना के बाद ओडिशा सरकार ने पांच तटीय जिलों गंजाम, पुरी, खुर्द, जगतसिंहपुर और केंद्रपाड़ा में रहने वाले करीब तीन लाख लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है. मुख्यमंत्री ने इन जिलों के जिलाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि आपदा में कोई दुर्घटना न हो.

उन्होंने शुक्रवार तक स्कूल-कॉलेज बंद रखने का आदेश दिया है. आज होने वाले छात्रसंघ चुनाव को भी टाल दिया गया है. उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तट पर तितली के प्रभाव को देखते हुए खुर्द रोड और विजयानगरम के बीच बुधवार रात 10 बजे से रेल सेवाए भी बंद कर दी गई हैं.

राज्य के मुख्य सचिव एपी पधी ने कहा है कि पांचों असुरक्षित जिलों में एनडीआरफ और ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स के जवान पहले से ही तैनात हैं. जरूरत पड़ी तो सेना की भी मदद ली जाएगी.

बीपी सेठी ने कहा कि ओडिशा सरकार इस आपदा से निपटने को तैयार है. विशेष राहत संगठनों के कम-से-कम 300 इंजनयुक्त नौकाओं को विभिन्न जिलों में तैयार रखा गया है. हालात को देखते हुए वायु सेना और थल सेना को भी सूचना दे दी गई है.

50 हजार लोग सुरक्षित

विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) बीपी. सेठी ने बताया कि बुधवार दोपहर तक गंजाम और पुरी जिले के 50 हजार लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है. गंजाम जिले के 17 ब्लॉक में राहत कार्य जारी है. वहीं, सहायक आयुक्त पर्वत कुमार महापात्रा के मुताबिक, 836 शेल्टर होम तैयार हैं.



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