Monday , 10 December 2018
गंगा के लिए अनशन कर रहे साधु का निधन

गंगा के लिए अनशन कर रहे साधु का निधन

देहरादून . गंगा की अविरलता और निर्मलता को बनाए रखने के लिए विशेष एक्ट पास कराने की मांग को लेकर आमरण अनशन कर रहे स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद का आज दोपहर बाद एम्स ऋषिकेश में निधन हो गया. एम्स के जनसंपर्क अधिकारी हरीश थपलियाल ने इस बात की पुष्टि की है.

swami-sanand डॉक्टरों के मुताबिक कमजोरी और हार्ट अटैक से स्वामी सानंद का निधन हुआ है. बुधवार को स्वामी सांनद को एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया था. लगातार 114 दिन से अनशन पर बैठे स्वामी सांनद ने मंगलवार को जल भी त्याग दिया था. स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद 22 जून से गंगा के लिए कानून बनाने की मांग को लेकर अनशनरत थे.

सांसद रमेश पोखरियाल निशंक से वार्ता विफल होने के बाद मंगलवार को उन्होंने जल भी त्याग दिया था. बुधवार को पूर्व नियोजित कार्यक्रम के अनुसार दोपहर 12:30 बजे पुलिस बल मातृसदन पहुंचा था.

इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट और कनखल सीओ मातृसदन पहुंचे और आश्रम में धारा 144 लगाए जाने की बात कही. इस पर स्वामी शिवानंद भड़क गए और आश्रम में धारा 144 लगाना नियमों के विरुद्ध बताया. इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने स्वामी शिवानंद से सानंद को ले जाने की अनुमति मांगी.

सिटी मजिस्ट्रेट के आग्रह को स्वामी शिवानंद मान गए. मगर स्वामी सानंद ने जाने से इनकार कर दिया था. इसपर सिटी मजिस्ट्रेट सहित पुलिस बल ने जबरन स्वामी सानंद को उठाकर एंबुलेंस में बैठाकर एम्स ऋषिकेश में भर्ती करा दिया था.

स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद उर्फ प्रोफेसर जीडी अग्रवाल ने गंगा रक्षा के लिए अपनी तरफ से तैयार ड्राफ्ट के आधार पर एक्ट बनाने के लिए केंद्र सरकार को नौ अक्तूबर तक का समय दिया था. मांग पूरी न होने पर वह दस अक्तूबर से जल त्यागकर अनशन पर बैठ गए थे.

स्वामी सानंद ने 13 जून को प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था, लेकिन पत्र का कोई जवाब न आने पर वह 22 जून को अनशन पर बैठ गए थे. कुछ दिनों बाद प्रशासन ने उन्हें जबरन उठाकर एम्स में भर्ती कराया था.

कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद उन्हें वापस मातृसदन छोड़ा गया था. केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने मातृसदन में स्वामी सानंद ने मिलकर अनशन समाप्त करने की अपील की थी. इस बीच उन्हें कई बार एम्स में भर्ती कराया गया, लेकिन स्वामी ने अनशन नहीं तोड़ा.



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