Saturday , 20 October 2018

क्रैश होगा इंटरनेट: वजह और बचने के उपाय

नई दिल्‍ली . दुनिया भर के इंटरनेट यूजर्स को अगले 48 घंटे के अंदर मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है. इसकी वजह ये है कि मुख्य डोमेन सर्वर और इससे जुड़े इंस्फ्रास्ट्रकक्चर जो वेब को कंट्रोल करती है इसे कुछ समय के लिए बंद किया जाएगा.

internet-shutdown द इंटरनेट कॉर्पोरेशन ऑफ असाइंड नेम्स एंड नंबर्स (ICANN) एक नॉन प्रॉफिट प्राइवेट ऑर्गनाइजेशन डोमेन नेम की रजिस्ट्री और IP अड्रेस प्रोवाइड करती है. यही संस्था अपनी क्रिप्टोग्राफिक कीज में कुछ बदलाव करने जा रही है.

ICANN के मुताबिक बढ़ते साइबर अटैक्स को मद्देनजर रखते हुए कंपनी क्रिप्टोग्राफिक की में बदलाव कर रही है. क्रिप्टोग्राफिक कीज डोमेन नेम सिस्टम यानी DNS को प्रोटेक्ट करने में मदद करती है. इसे आप इंटरनेट ऐड्रेस भी कहते हैं.

क्या हर इंटरनेट यूजर प्रभावित होगा?

इस सवाल का जवाब है : नहीं! क्योंकि कम्यूनिकेशन रेग्यूलेटरी अथॉरिटी (CRA) ने एक स्टेटमेंट जारी किया है. इसमें कहा गया है, सिक्योर और स्टेबल DNS के लिए ग्लोबल इंटरनेट शटडाउन जरूरी है. कुछ इंटरनेट यूजर्स इससे प्रभावित हो सकते हैं. ऐसा तब भी हो सकता है जब इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर इस बदलाव के लिए तैयार नहीं हैं.

कम्यूनिकेशन रेग्यूलटरी अथॉरिटी CRA के मुताबिक इंटरनेट शटडाउन के प्रभाव से सिस्टम सिक्योरिटी एक्सटेंशन एनेबल करके इस प्रभाव से बचा जा सकता है. मोबाइल रिसर्च ग्रुप एल्डर मर्टाजिन के मुताबिक 48 घंटे के अंदर इंटरनेट यूजर्स को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. इंटरनेट ऐक्सेस करने में एरर मिल सकता है. इंटरनेट पेज स्लो लोड हो सकते हैं. पुराने सर्विस प्रोवाइडर्स के यूजर्स का इंटरनेट पूरी तरह से ब्लॉक हो सकता है. ट्रांजैक्शन में भी परेशानी हो सकती है.

क्या आगे भी दिक्‍कतें होंगी

गौरतलब है कि ICANN ने इसके लिए पहले भी कुछ टेस्ट किए हैं ताकि रिप्लेसमेंट प्रोसेस में कोई दिक्कत न आए और कम से कम दिक्कत में ये काम हो जाए. डिजिटल इकॉनॉमिक्स के स्पेशलिस्ट आर्सने श्लेस्टियन ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि डरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि मेन सॉफ्टवेयर पहले ही अपडेट कर लिया है इसलिए ज्यादा दिक्‍कत नहीं होगी.



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