Saturday , 20 October 2018

रात 10 बजे बाद गरबों में डीजे बजने का निर्णय कलेक्टर करेंगे: हाईकोर्ट

इंदौर, 12 अक्टूबर (उदयपुर किरण). मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बैंच ने शुक्रवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए नवरात्रि के दौरान होने वाले गरबा पंडालों में रात 10 बजे बाद ध्वनि विस्तार यंत्र (डीजे) बजने का निर्णय कलेक्टरों पर छोड़ दिया है. हाईकोर्ट ने कहा कि यह निर्णय कलेक्टर लेंगे कि रात 10 बजे के बाद गरबा पंडालों में डीजे बजेंगे या नहीं.

बता दें कि विधानसभा चुनावों के तहत सभी जिला कलेक्टरों ने रात 10 बजे के बाद ध्वनि विस्तार यंत्रों और डीजे पर रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच प्रतिबंध लगा दिया है. इस निर्णय के खिलाफ भाजपा प्रवक्ता उमेश शर्मा ने हाईकोर्ट इंदौर में एक जनहित याचिका दायर कर यह मांग की थी कि नवरात्रि के दौरान रात में गरवा उत्सवों का आयोजन होता है, यह धार्मिक कार्यक्रम होते हैं, राजनीतिक नहीं, इसलिए रात 10 बजे के बाद गरबा पंडालों में डीजे के इस्तेमाल की मंजूरी दी जाए, क्योंकि गरबे अधिकांश जगह रात 10 बजे ही शुरू होते हैं.

इस याचिका पर शुक्रवार को हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की तरफ से सीनियर एडवोकेट पीयूष माथुर और राघवेंद्रसिंह बैस ने पैरवी की. उन्होंने मप्र कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के नियम 7 और 12 के तहत कलेक्टर व कमिश्नर को अधिकार है कि वे धार्मिक आयोजनों के मामले में अधिकतम 15 दिनों के लिए डीजे के इस्तेमाल की अवधि में दो घंटे की छूट जा सकती है. गरबों के दौरान रात 10 के बजाय 12 बजे तक डीजे इस्तेमाल की अनुमति देने की उन्होंने मांग की.

वहीं, शासन की तरफ से तर्क रखा गया कि आचार संहिता लागू है. रात 10 बजे तक ही ध्वनि विस्तार यंत्रों का इस्तेमाल किया जा सकता है. इंंदौर में हर चौराहे पर गरबा होता है. डीजे के इस्तेमाल से कई बार विवाद की स्थिति भी बन जाती है. जिला प्रशासन ने रात 10 बजे बाद डीजे के इस्तेमाल पर रोक नियमों के अंतर्गत लगाई है. दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद अदालत ने इसका निर्णय कलेक्टर पर छोड़ दिया.

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