Friday , 16 November 2018

आस्था : खुशहाली की कामना लिए बरून्दनी में निकली घांस बावजी की सवारी

भीलवाड़ा, 09 नवम्बर (उदयपुर किरण). भीलवाड़ा जिले के माण्डलगढ़ क्षेत्र के बरून्दनी गांव में अन्नकूट की मध्य रात्रि में परम्परा के अनुरूप घांस बावजी की सवारी निकाली गयी. मेवाड़ क्षेत्र में प्रसिद्व घांस बावजी की सवारी का आनंद लेने के लिए रातभर काश्तकार बड़ी संख्या में जुटे. शुक्रवार को अलसुबह घांसबावजी की आरटी वंदना कर काश्तकारों ने अपने यहां खुशहाली की कामना की. घांस बावजी एक बड़ी शिला होती है जो सामान्य दिनों में नहीं हिलती है.

घांस बाबजी की सवारी को घांस के पटेल के बैलों की जोड़ी ने खींचना प्रारंभ किया. घास बाबजी को चावल के कांसे का भोग लगाया गया. इसके बाद बैलों की जोड़ी ने जब घांस बावजी को खिंचना प्रारंभ किया तो काश्तकारों ने जयकारों से गांव को गुंजायमान कर दिया. आगे-आगे काश्तकार तथा पीछे घांसजी को खिंच कर दौड़ते बैलों की जोड़ी को देखने का मनोरम दृश्य सभी को आकर्षित कर रहा था. पटेल कालू लाल अहीर, बंशीलाल सुथार, भूरा लाल गेडोत की बैलों की जोड़ियों ने अच्छा खींचा.

बैलों के शक्ति परीक्षण की इस दौड़ को देखने भीलवाड़ा सहित चित्तौड़गढ़ जिले के पारसोली, बेगूं, भीचोर गांवों के दर्शक भी बड़ी संख्या में आए. कालू लाल नाई, नवनीत नाई ने घांस बाबजी के साथ साथ चिराग (मशाल) जला कर घुमाई. बैलों के हुड़दंग और भागती हजारों लोगों की भीड़ के हुड़दंग में दर्जन भर व्यक्ति जख्मी हुए. जिनको प्राथमिक उपचार दिया गया पर जख्मी होने वाले इसे भी घांस बावजी का प्रसाद ही मानते हैं.

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