Tuesday , 11 December 2018
कार्तिक पूर्णिमा पर कल दिखेगा सबसे बड़ा चांद : 70 साल में पहली बार सबसे बड़ा होगा चांद

कार्तिक पूर्णिमा पर कल दिखेगा सबसे बड़ा चांद : 70 साल में पहली बार सबसे बड़ा होगा चांद

इस बार कार्तिक पूर्णिमा 14 नवंबर को है, इस पूर्णिमा पर निकलने वाला चांद 70 साल के इतिहास में सबसे बड़ा होगा. इस दिन चंद्रमा ठीक 180 अंश पर होता है. इस दिन चंद्रमा से जो किरणें निकलती हैं, वह काफी सकारात्मक होती हैं. चूंकि चंद्रमा पृथ्वी के सबसे अधिक नजदीक है, इसलिए पृथ्वी पर सबसे ज्यादा प्रभाव चंद्रमा का ही पड़ता है. इसलिए पूर्णिमा वाले दिन हर मनुष्य को अपनी मानसिक उर्जा में वृद्धि करने के लिए चंद्र को अर्घ देकर स्तुति करनी चाहिए.

ज्योतिषविदों के अनुसार भविष्य पुराण के अनुसार वैशाख, माघ और कार्तिक माह की पूर्णिमा स्नान व दान के लिए श्रेष्ठ मानी गई है. इस पूर्णिमा में जातक को नदी या अपने स्नान करने वाले जल में थोड़ा सा गंगा जल मिलाकर स्नान करना चाहिए, इसके बाद भगवान विष्णु का विधिवत पूजा-अर्चना करनी चाहिए. इस दिन मनुष्य को पूरे दिन उपवास रखकर एक समय भोजन करना चाहिए. अपनी सामर्थ्य अनुसार गाय का दूध, केला, खजूर, नारियल व अमरूद आदि फलों का दान करना चाहिए. ब्राह्मण, बहन व बुआ आदि को कार्तिक पूर्णिमा के दिन दान करने से अक्षय पुण्य मिलता है. शाम के समय मंत्र उच्चारण कर चंद्रमा को अर्घ देना चाहिए.

पूर्णिमा पर यह उपाय करने से प्रसन्न होती हैं माता लक्ष्मी

कार्तिक पूर्णिमा का दिन मां लक्ष्मी को अत्यन्त प्रिय है. इस दिन माता लक्ष्मी की आराधना करने से जीवन में खुशियों की कमी नहीं रहती है. पूर्णिमा की सुबह 5 बजे से 10:30 मिनट तक माता लक्ष्मी का पीपल के वृक्ष पर निवास रहता है. इस दिन जो भी जातक मीठे जल में दूध मिलाकर पीपल के पेड़ पर चढ़ाता है, उस पर मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं. कार्तिक पूर्णिमा के दिन गरीबों को चावल दान करने से चंद्र ग्रह शुभ फल देता है तथा शिवलिंग पर कच्चा दूध, शहद व गंगाजल मिलाकर चढ़ाने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं. कार्तिक पूर्णिमा को घर के मुख्य द्वार पर आम के पत्तों से बनाया हुआ तोरण अवश्य बांधे.

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