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राजस्‍थान विधानसभा : बागियों के भय से अटकी कांग्रेस की सूची

राजस्‍थान विधानसभा : बागियों के भय से अटकी कांग्रेस की सूची

जयपुर, 13 नवम्बर (उदयपुर किरण). प्रदेश में भाजपा का कुशासन बताकर सत्ता प्राप्ति का सपना संजोय कांग्रेस अभी उम्मीदवारों की सूची निकालने में पसोपेश में है. कांग्रेस को बागियों से होने वाले खतरे को देखते हुए लगातार चौथे दिन भी सूची जारी नहीं कर पाई है. राहुल गांधी के निर्देशों के बाद भी करीब 30 से 40 सीटों पर एकमतता नहीं बन सकी, जिसके बाद कांग्रेस की सूची अटक गई है. अब राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ से वापस आने के बाद सूची निकाली जाएगी.

प्रदेश में कांग्रेस इस समय चार नेताओं के चक्कर में उलझी है. इसमें प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सचिन पायलट, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी और पूर्व केन्द्रीय मंत्री सी पी जोशी है. सभी नेता अपने -अपने समर्थकों को टिकट दिलाना चाह रहे हैं. प्रदेश को व्यापक तौर पर प्रभावित करने वाले गहलोत-पायलट के सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों में अलग-अलग नाम है. ऐसे में कांग्रेस अभी अन्दुरूनी कलह से बाहर निकलने में सफल नहीं हो पा रही है. नेता उनके समर्थकों को ज्यादा टिकट दिलाना चाहते ताकि सरकार बनने पर सीएम पद के लिए उनका नाम भारी हो.

ज्यादा बागी सामने आने का खतरा

कांग्रेस की लिस्ट मंगलवार को जारी होने पर बुधवार को लिस्ट में नाम नहीं होने वाले बागी उम्मीदवार नामांकन दाखिल कर सकते थे. बुधवार को श्री गणेश करने का शुभ दिन होने के कारण अधिकांश प्रत्याशी नामांकन भरते. ऐसे में कांग्रेस के लिए चुनौती और बढ़ जाती. अब कांग्रेस बुधवार शाम या गुरुवार सुबह 11 बजे तक सूची जारी कर सकती है. सूची जारी होने के बाद प्रत्याशी गुरुवार और शुक्रवार को नामांकन कर सकेंगे.

कोई भी गुटबाजी से नहीं होगा टिकट

राहुल गांधी इस बार मध्यप्रदेश में हुई गलती को दोहराना नहीं चाहते हैं. वह प्रदेश में एकमतता से टिकट वितरण फैसला लेना चाहते है. इस कारण अशोक गहलोत, सचिन पायलट और रामेश्वर डूडी को लिस्टों पर फिर से कसरत करने और एक नाम सामने लाने के निर्देश दिए गए. इसमें महिलाओं और युवाओं को वरीयता देने की बात कही गई है. इसके बाद भी अभी तक तीन नेताओं में वो समन्वय नहीं दिखा. हालांकि डूडी-गहलोत को पहले एक खेमा माना जाता है तो पायलट खेमा पूरी तरह अलग है.

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