Monday , 21 January 2019
गगनयान की तैयारी जारी, होगा टर्निंग प्वाइंट : शिवन

गगनयान की तैयारी जारी, होगा टर्निंग प्वाइंट : शिवन

गगनयान मिशन को बताया अहम, अंतरिक्ष मानव मिशन 2021 तक

नई दिल्‍ली . भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष के. शिवन ने कहा कि गगनयान मिशन इसरो के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट है. दो मानवरहित स्पेस मिशन का लक्ष्य दिसंबर 2020 और जुलाई 2021 रखा गया है. इसके अलावा अंतरिक्ष के मानव मिशन के लिए दिसंबर 2021 का समय निर्धारित किया गया है.

k-sivan-isro शिवन ने यहां एक प्रेस वार्ता में इसरो के कामकाज के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि गगनयान के लिए बजट पास होने के बाद क्रू की ट्रेनिंग पर काम शुरू हो चुका है. इसमें जरूरत पड़ने पर विदेशी ट्रेनिंग को भी शामिल किया जा सकता है. क्रू मेंबर का चुनाव इसरो और आईएएफ द्वारा संयुक्त तौर पर किया जा रहा है. जिसके बाद उन्हें दो से तीन सालों तक ट्रेनिंग दी जाएगी.

उन्‍होंने कहा कि इस मिशन के लिए राकेश शर्मा का भी परामर्श लिया जाएगा. राकेश शर्मा भारत के पहले ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने अंतरिक्ष की यात्रा की थी. लेकिन वह सोवियत संघ के अंतरिक्ष अभियान के तहत गए थे. साल 2022 तक भारतीय एजेंसी के दम पर जाने का किसी भारतीय का ये पहला अवसर होगा.

इसरो प्रमुख ने यह बताया

-इसरो की सबसे बड़ी प्राथमिकता गगनयान है, पहली डेडलाइन अनमैंड मिशन के लिए दिसंबर 2020 तय की गई है, दूसरी डेडलाइन अनमैंड मिशन के लिए जुलाई 2021 तय की गई है. पहले मानवीय मिशन के लिए दिसंबर 2021 का समय तय किया गया है.

– अंतरिक्ष पर मानव मिशन भेजने वाला भारत दुनिया का चौथा देश होगा. गगनयान के लिए शुरुआती ट्रेनिंग भारत में होगी और अडवांस ट्रेनिंग रूस में हो सकती है. इस मिशन में महिला अंतरिक्षयात्री भी टीम का हिस्सा होंगी.

– अंतरिक्ष में मानवीय मिशन के लिए जरूरी उच्च तकनीक का विकास कर लिया गया है. इसके तहत अंतरिक्षयात्री 7 दिन तक अंतरिक्ष में रहेंगे.

– इसरो प्रमुख के सिवन ने 2018 की उपलब्धियां भी गिनाईं. पिछले साल ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी-सी 40) के जरिए 28 विदेशी उपग्रहों के साथ 31 उपग्रहों का प्रक्षेपण और उन्हें सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित किया गया.

– सिवन ने इसरो की 2018 की उपलब्धियां साझा करते हुए कहा, कई रॉकेट और उपग्रहों के प्रक्षेपण के साथ यह साल काफी व्यस्तताओं वाला रहा. सबसे बड़ी उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गगनयान की घोषणा रही. यह एक प्रमुख घोषणा है.

– उन्होंने बताया, जीसैट-20, जीसैट-29 सैटलाइट इस साल होंगे लॉन्च, सितंबर,अक्टूबर तक आने वाले इस सैटेलाइट से हाई स्पीड कनेक्टिविटी को बल मिलेगा. डिजिटल इंडिया के सपने को पूरा करने में मदद मिलेगी. इसरो की इस साल 32 मिशन की प्लानिंग है.

– गगनयान मिशन पर पिछले चार महीने से काम चल रहा है. क्रू की ट्रेनिंग पर काम शुरू किया जा चुका है. क्रू मेंबर का चुनाव इसरो और आइएएफ द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा. इसके बाद उन्हें 2 से 3 साल तक ट्रेनिंग दी जाएगी.

– हम देश भर में 6 इंक्यूबेशन ऐंड रिसर्च सेंटर स्थापित करेंगे. हम भारतीय छात्रों को इसरो में लाएंगे. भारतीय छात्रों को नासा जाने की क्या जरूरत है?

मानव मिशन बेहद मुश्किल

विशेषज्ञों का मानना है कि मानव मिशन बेहद मुश्किल काम होता है. अगर ये आसान होता तो आज केवल दुनिया में तीन ही देश इसे सफल करने वाले नहीं होते बल्कि और भी देश इस सूची में होते. इसरो को इसके लिए बाहुबली रॉकेट की ह्यूमन रेटिंग करनी पड़ेगी, प्री मॉड्यूल बनाना पड़ेगा. इसके अलावा उसे ये भी योजना बनानी पड़ेगी कि अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष में क्या काम करेंगे और क्या खाएंगे.

इसके साथ ही अंतरिक्ष यात्रियों के वापस आने के लिए भी तैयारियां की जाएंगी. इसरो का कहना है कि अंतरिक्ष यात्रियों की वापसी अरेबियन सी में होगी. इसे कर पाना काफी मुश्किल हो सकता है लेकिन इसके लिए इसरो पूरी तैयारी कर रहा है.



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