Tuesday , 23 April 2019
सचिन पायलट के साथ गुर्जर समाज नहीं होने देगा षडयंत्र- भड़ाना

सचिन पायलट के साथ गुर्जर समाज नहीं होने देगा षडयंत्र- भड़ाना

अजमेर, 10 फरवरी (उदयपुर किरण). गुर्जरों को 5 प्रतिशत आरक्षण दिलाने के बहाने परवान चढ़ रही गुर्जर राजनीति ने प्रदेश में उस दबी चिंगारी को हवा दे दी है जो कि कांग्रेस को बहुमत मिलने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट को उपमुख्यमंत्री की कुर्सी से नवाजे जाने के रूप में राजनीतिक षडयंत्र खेले जाने पर समाज के जहन में पनपी थी. अजमेर के भाजपा नेता और गुर्जर आरक्षण आंदोलन संघर्ष समिति के सक्रिय सदस्य ओम भड़ाना ने प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का नाम लिए बिना कहा कि गुर्जर समाज को कमजोर और पिछड़ा मान कर उसके साथ राजनीतिक षड़यंत्र अब समाज बर्दाश्त नहीं करेगा.

समाज के एक जाजम पर आए कांग्रेस व भाजपा विचारधारा से जुड़े गुर्जर नेताओं को साधते हुए भड़ाना ने कहा कि गुर्जर समाज अब अपनी एकजुटता का परिचय देगा. उन्होंने प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट का जिक्र किए बिना कहा कि प्रदेश में पांच साल मेहनत के बाद भी अब समाज अपने किसी नेता को राजनीतिक षड़यंत्र का शिकार होने नहीं देगा ना ही किसी सरकार के आश्वासन में आकर खामोश बैठेगा. सनद रहे इससे पहले गुर्जर आरक्षण आन्दोलन के मुखिया कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला भी अजमेर दौर पर यह बात कह चुके हैं कि विधानसभा चुनाव में गुर्जर समाज ने कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनता देख अपना काम शिद्दत से पूरा किया था, लिहाजा अब सचिन पायलट को गुर्जर आरक्षण आन्दोलन में समाज का साथ देना चाहिए.

समाज में संकेत यह है कि सचिन पायलट के मुख्यमंत्री बनने की आस में गुर्जर समाज ने भरपूर समर्थन दिया किन्तु सचिन पायलट को कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति का शिकार बनाकर उप मुख्यमंत्री पद तक ही सीमित रख गुर्जर समाज के साथ ही कांग्रेस के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजनीति की. अब गुर्जर समाज आरक्षण आंदोलन को तेज कर अशोक गहलोत सरकार पर रानीतिक दबाव बना रहा है इससे प्रदेश में आगामी लोकसभा चुनाव के मध्यनजर राज्य सरकार के लिए चुनौती खड़ी हो गई है. समाज को इस हालात में 14 साल पुराना गुर्जरों को 5 प्रतिशत आरक्षण का मसला कुछ आगे बढ़ता प्रतीत हो रहा है साथ ही कांग्रेस के आला नेताओं की नजर में राजस्थान में सचिन पायलट की मौजूदगी का अहसास कराया जा रहा है.

नारेली तीर्थ के सामने किया हाइवे जाम: रविवार को अजमेर में नारेली तीर्थ के सामने से गुजर रहे नेशनल हाइवे को गुर्जर समुदाय के सैकड़ों लोगों ने जाम कर दिया है. इससे दिल्ली मुम्बई का सड़क मार्ग प्रभावित हुआ है. जाम से पहले गुर्जर समुदाय ने नारेली के निकट देवनारायण मंदिर में बैठक की और फिर पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग करते हुए जाम लगा दिया. हालांकि गुर्जरों की इस बैठक पर प्रशासन की नजर सुबह से ही थी, लेकिन सैकड़ों गुर्जर हाइवे पर आए तो प्रशासन और पुलिस बेबस नजर आए. किसी की हिम्मत नहीं हुई कि गुर्जर समुदाय के लोगों के खिलाफ कार्यवाही कर सके. गुर्जरों के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मांग को पूरा नहीं किया तो रेल ट्रेक भी जाम कर दिया जाएगा. अजमेर के आंदोलन में सौरभ बजाड़, ओम प्रकाश भडाना, नौरत गुर्जर, महावीर खटना, शिवजी फावड़ा, हरचंद गुर्जर, सूरजकरण आदि सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं.

रद्द हो सकता है राहुल का दौराः कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को 14 फरवरी को अजमेर में होने वाले सेवा दल के राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेना है. राहुल की यात्रा के मद्देनजर दस फरवरी को चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने कायड़ विश्राम स्थल का दौरा किया. शर्मा ने कहा कि सम्मेलन में 50 हजार लोगों के एकत्र होने का अनुमान है. डॉ रघु ने बताया कि 13 फरवरी को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट सेवादल के राष्ट्रीय अधिवेशन में शामिल होंगे. जानकार सूत्रों के अनुसार गुर्जर आंदोलन की वजह से प्रदेश भर में जो हालात उत्पन्न हुए हैं उन्हें देखते हुए 14 फरवरी का राहुल का दौरा रद्द हो सकता है. प्रदेश में जगह जगह रेल ट्रेक और सड़क मार्ग जाम हो रहे हैं. अब आंदोलन भी उग्र हो रहा है. ऐसे में सीएम अशोक गहलोत और डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने राहुल के अजमेर दौरे के मात्र तीन दिन शेष रहते अभी तक सभा स्थल का जायजा नहीं लिया है. आमतौर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष की सभा से पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री सभा स्थल का एक दो बार दौरा कर ही लेते हैं.

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