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पाक से सलाह समझौते के बिना कश्मीर पर देश की मुसीबत खत्म नहीं होगी: फारूक

पाक से सलाह समझौते के बिना कश्मीर पर देश की मुसीबत खत्म नहीं होगी: फारूक


अजमेर, 11 फरवरी (उदयपुर किरण). जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि पाकिस्तान की इमरान खान सरकार से सलाह और समझौते के बिना जम्मू कश्मीर का मसला सुलझाया नहीं जा सकता. उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर विधान सभा के चुनाव लोकसभा के साथ ही हों, ताकि टूरिस्ट स्टेट को नई सरकार मिले. वह अपना कामकाज तेज कर सूबे में स्थिरता लाए.

फारूक अब्दुल्ला रविवार को अजमेर ख्वाजा साहब की दरगाह जियारत के लिए आए थे. उन्होंने यहां मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि कश्मीर का मुद्दा राजनीतिक मुद्दा है. इसे मिल बैठकर ही सुलझाया जा सकता है. जब तक यह मुद्दा सुलझाया नहीं जाएगा तब तक स्थि​रता नहीं आएगी. मौजूदा केंद्र सरकार के रहते जम्मू-कश्मीर में कभी स्थिरता नहीं आ सकती. सरकार वार्ता के लिए तैयार होगी ही नहीं. आने वाले दिनों में महागठबंधन के नेतृत्व में मजबूत सरकार बनेगी, जो इस मसले का हल करने का प्रयास करेगी और यकीनन इस मसले का हल निकलेगा.

मुझे पाकिस्तानी बताना मीडिया की सोच

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हुजूर हम तो कभी पाकिस्तानी थे नहीं, अब मीडिया हमें पाकिस्तानी बनाएगा तो हम क्या करें. हम मुसलमान तो जरूर हैं, इसमें कोई शक नहीं. हम हिन्दुस्तानी मुसलमान हैं. यह बात समझ लीजिए आप. हम लोग पाकिस्तानी मुसलमान नहीं हैं, ना हम चीनी मुसलमान हैं ना रूसी मुसलमान हैं. हम लोग भारतीय मुसलमान हैं. मगर कश्मीर का मसला जो है वो राजनीतिक मसला है. इसे याद रखना चाहिए. हमारा बहुत बड़ा हिस्सा पाकिस्तान के पास है और चीन के पास है. जो महाराजा कश्मीर का कश्मीर था. इसलिए जब तक पाकिस्तान के साथ हम लोग सलाह समझौता नहीं करेंगे, हमारी मुसीबत खत्म नहीं होगी. क्योंकि आतंकवाद वहां से (पाकिस्तान) से आता है. इसमें उनकी भी मुसीबत है, क्योंकि वो लोग भी बर्बाद हो जाएंगे. देर सबेर बातचीत जरूर होगी. जब आगामी लोकसभा चुनाव खत्म होंगे. दिल्ली में नई हुकूमत बैठेगी. मुझे उम्मीद है कि इमरान खान के साथ और दिल्ली में नई सरकार होगी ते वह पाकिस्तान सरकार के साथ बात करके हल करेंगे. वर्तमान में आज बात करने का हाल ही नहीं है. क्योंकि यहां जो सरकार है क्या पता वह रहेगी या नहीं रहेगी, वो भी बात करना नहीं चाहेंगे. पता नहीं यहां क्या होगा. नई मजबूत सरकार दिल्ली में आएगी. जरूर बातचीत करेगी.

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