Monday , 25 June 2018

अपहृत जवान की आतंकियों ने की हत्या, गोलियों से छलनी शव मिला

श्रीनगर:कश्मीर में ईद की पूर्व संध्या पर आतंकियों ने घर जा रहे जवान का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी. शोपियां में तैनात सेना का जवान औरंगजेब कुछ दिन पूर्व हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकी समीर टाइगर को मार गिरानेवाली टीम में शामिल थे.
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उनका गोलियों से छलनी शव पुलवामा के कलमपोरा से दस किलोमीटर दूर गुसू गांव से बरामद किया गया है. प्रदेश के रजौरी जिला के निवासी औरंगजेब ईद के मौके पर छुट्टियों में घर जा रहे थे. इस दौरान पुलवामा जिले के कलामपुरा इलाके से जवान का अपहरण कर लिया गया.
अधिकारियों ने बताया कि औरंगजेब चार जम्मू-कश्मीर लाइट इनफैंट्री में था. वर्तमान में वह शोपियां के शादीमार्ग में 44  राष्ट्रीय राइफल्स शिविर में तैनात था. उन्होंने बताया कि इकाई के सेना के जवानों ने शोपियां में आज गुरुवार की सुबह नौ बजे एक कार रोकी और चालक से औरंगजेब को शोपियां पहुंचाने के लिए कहा.
ईद के लिए घर जाते वक्त अपहरण
अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के रजौरी जिला का निवासी औरंगजेब ईद के मौके पर छुट्टियों में घर जा रहा था. इस दौरान पुलवामा जिले के कलामपुरा इलाके से जवान का अपहरण कर लिया गया. उन्होंने बताया कि पुलिस और सेना मामले की जांच कर रही है. अधिकारियों ने बताया कि औरंगजेब चार जम्मू-कश्मीर लाइट इनफैंट्री में था और वर्तमान में वह शोपियां के शादीमार्ग में 44  राष्ट्रीय राइफल्स शिविर में तैनात था.
कैसे आतंकियो ने किया अपहरण
उन्होंने बताया कि इकाई के सेना के जवानों ने शोपियां में आज सुबह नौ बजे एक कार रोकी और चालक से औरंगजेब को शोपियां पहुंचाने के लिए कहा. उन्होंने बताया कि यह पता लगाया जा रहा है कि वास्ताव में क्या हुआ. अधिकारियों ने बताया कि राजौरी के रहनेवाले औरंगजेब को पुलवामा के कलमपुरा इलाके से उठाया गया. वे 4 जम्मू कश्मीर लाइट इन्फैन्ट्री में थे और वर्तमान में शोपियां के शादीमार्ग पर 44 राष्ट्रीय रायफल्स कैम्प में तैनात थे.
अधिकारी ने बताया कि सुबह करीब 9 बजे यूनिट के आर्मी मेन ने ड्राईवर से कहा कि वे औरंगजेब को शोपियां में छोड़ दे. आतंकियों ने उनकी गाड़ी को कलमपुरा में रोककर सेना को जवान का अपहरण कर लिया. पुलिस पूरे मामले को देख रही है. सेना भी इस पूरी घटना की छानबीन कर रही है.
सुरक्षाबलों को लगातार बनाया जा रहा निशाना  
केन्द्र की तरफ से संघर्ष विराम की घोषणा के बाद पत्थरबाजी और सड़कों पर हिंसा के मामलों में गिरावट आई है. हालांकि, कई मौकों पर आतंकियों ने सुरक्षाबलों को निशाना बनाया है.
इससे पहले, पुलवामा में गुरुवार को ही गांगू में सीआरपीएफ दल को आंतिकयों ने निशाना बनाया. पिछले दो दिनों में बांदीपुरा और शापियां में मुठभेड़ हुई है. नियंत्रण रेखा के पास घुसपैठ की कई कोशिशें नाकाम की गई हैं और कई आतंकियों को मार गिराया गया है.

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