Monday , 26 August 2019

आर्थिक मजबूरी के कारण बच्चो को बेचने पर मजबूर हुई सीएम नितीश के गांव की महिला

पटना.बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गांव की रहने वाली एक मां इतनी मजबूर है कि वह अपने दो बच्चों को बेच देना चाहती है. मामला नालंदा जिले के हरनौत प्रखंड के कल्याण बिगहा गांव का है. कल्याण बिगहा सीएम नीतीश कुमार का गांव भी है. मुफलिसी का जीवन व्यतीत कर रही महिला और उसके बच्चे जब टीबी रोग से ग्रसित हुई तो उसके पति ने भी साथ छोड़ दिया. इसके बाद उसने पहले अपने दुधमुंहे बेटे की कीमत लगा दी, फिर बेटी की भी बोली लगा दी.
पिछले कई महीनों से महिला और उसके दो बच्चों को टीबी (तपेदिक) हो गया है. वह खुद का और अपने बच्चों का भी इलाज करवाना चाहती है, लेकिन उसके पास पैसे नहीं हैं. इसलिए उसने अपने दोनों बच्चों को बेचने का मन बना लिया. मिली जानकारी के अनुसार, गांववालों को जब इस बात का पता लगा तो बजाय मदद करने के उसे गांव से ही बाहर निकाल दिया. डर इस बात का कि कहीं दूसरों को भी टीबी न हो जाए. किसी तरह महिला अपने दोनों बच्चों के साथ अस्पताल पहुंची, जहां मीडिया के पहल पर डीएम ने संज्ञान लिया और तीनों का समुचित इलाज शुरू हो सका.
बताया जा रहा है कि सोनम नाम की इस महिला की शादी 3 साल पहले हरनौत निवासी सुमन्त से हुई थी. उससे उसे एक बेटी हुई, लेकिन पति दुनिया से चल बसा. बच्चे की परवरिश के लिए महिला ने दूसरी शादी की, जिससे 1 बेटा हुआ. पत्नी को जब बीमारी ने जकड़ा तो पति परिवार को छोड़ फरार हो गया. इसके बाद महिला अपने इलाज के लिए दोनों बच्चों को बेचने की तैयारी कर रही थी. डीएम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एनआरसी केंद्र में इलाजरत इन तीनों को पटना के पीएमसीएच रेफर करवा दिया. बहरहाल स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार और टीबी उन्मूनल के लिए किए जा रहे तमाम दावों के बावजूद सीएम नीतीश कुमार के गांव की एक महिला बीमारी से परेशान होकर अपने बच्चे तक को बेचने पर उतर आए तो शासन पर सवाल तो उठेंगे ही.