Sunday , 28 November 2021
उत्तराखंड : आखिरकार टूटी सरकार की नींद, डेंगू की जांच को फीस तय

उत्तराखंड : आखिरकार टूटी सरकार की नींद, डेंगू की जांच को फीस तय

देहरादून.उम्मीद कीजिए कि निजी लैब डेंगू की जांच के नाम पर अब खेल नहीं कर पाएंगे. मरीजों से की जा रही अवैध वसूली पर तंत्र की तंद्रा टूटने के बाद अब जांच के लिए शुल्क तय कर दिए गए हैं. यह अलग बात है कि फैसला लेने तीन माह का वक्त लग गया. राज्य सरकार व निजी पैथोलॉजी केंद्रों ने पहल तब की जब प्रदेश में डेंगू पीड़ितों का आंकड़ा तीन हजार के पास पहुंच चुका है. यही नहीं, आठ मरीजों की इस बीमारी के चलते मौत भी हो गई. बहरहाल, अब यही कहा जा सकता है कि देर आए दुरुस्त आए. पैथोलॉजिस्ट एसोसिएशन ने तय किया है कि रैपिड जांच के मरीज से एक हजार रुपये, जबकि एलाइजा जांच के 500 रुपये लिए जाएंगे.
डेंगू का मच्छर करीब तीन माह से प्रदेशभर में कहर बरपा रहा है. ऐसा कोई दिन नहीं बीत रहा जब डेंगू का कोई नया मरीज न सामने आ रहा हो. बल्कि पिछले कुछ वक्त में स्थिति ज्यादा भयावह हो चुकी है. मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण तमाम इंतजाम धरे रह गए हैं. सरकारी व निजी अस्पतालों में न केवल बेड मिलना मुश्किल हो रहा है, बल्कि जांच के लिए भी मरीजों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है. उस पर निजी लैब व अस्पताल मरीजों से मनचाही फीस वसूल रहे हैं. दैनिक जागरण लगातार इस मुद्दे के उठाता रहा है. पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस ओर कोई पहल नहीं की गई. शनिवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से डेंगू की समीक्षा की थी. उन्होंने आइएमए व निजी पैथोलॉजी लैब के साथ समन्वय स्थापित कर वास्तविक फीस का निर्धारण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए थे.

तय की जांच की दरें :-

जांच—————–पुरानी दर———नयी दर

रैपिड टेस्ट———-1200————–1000

एलाइजा जांच——1000—————-500

सीबीसी—————-360—————-300

प्लेटलेट्स काउंट——150—————130