Monday , 27 January 2020
उत्तराखंड में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा तेज, 2 दर्जन दावेदारों में मंत्री पद पाने की जगी उम्मीद

उत्तराखंड में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा तेज, 2 दर्जन दावेदारों में मंत्री पद पाने की जगी उम्मीद

देहरादून.उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा हाल में उत्तराखंड सरकार के मंत्रिमंडल में संभावित विस्तार के बारे में संकेत दिए जाने के बाद एक बार फिर लगभग 2 दर्जन दावेदारों में मंत्री पद पाने की उम्मीद जग गई है. 3 साल पहले 2017 में हुए विधानसभा चुनावों में जबरदस्त बहुमत से सत्ता में आई भाजपा सरकार में केवल दस सदस्यीय मंत्रिमंडल को ही शपथ दिलाई गई थी जबकि उत्तराखंड में अधिकतम 12 मंत्री हो सकते हैं. राज्य मंत्रिमंडल में रिक्त ये 2 स्थान उसके बाद कभी भरे ही नहीं गए. पिछले साल जून में राज्य के संसदीय कार्य मंत्रालय सहित कई अहम विभाग संभाल रहे प्रकाश पंत का निधन हो जाने के बाद मंत्रिमंडल के रिक्त पदों की संख्या बढ़कर 3 हो गई.
प्रकाश पंत के अचानक निधन के बाद मंत्रिमंडल के रिक्त पदों को भरे जाने को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया लेकिन शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक को संसदीय कार्य मंत्रालय और वित्त मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी दिए जाने के बाद इन चर्चाओं ने भी दम तोड़ दिया. हालांकि इस बारे में अटकलों ने फिर से जोर पकड़ लिया है. हाल में मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्रिमंडल में रिक्त पड़े स्थानों को भरे जाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है क्योंकि हर मंत्री बहुत सारे विभागों की जिम्मेदारी संभालने के कारण बहुत बोझ उठा रहा है. मंत्रिमंडल में रिक्त 3 स्थानों के लिए करीब 2 दर्जन दावेदारों के नाम चर्चाओं में चल रहे हैं.
पूर्व में मंत्री रह चुके 4 विधायकों को उनके अनुभव के चलते सबसे मजबूत दावेदारों में गिना जा रहा है. इनमें हरबंस कपूर, बिशन सिंह चुफाल, बंशीधर भगत और खजान दास हैं. इनके अतिरिक्त विधायक मुन्ना सिंह चौहान, सुरेंद्र सिंह जीना, हरभजन सिंह चीमा तथा पुष्कर सिंह धामी को भी मंत्री पद की दौड़ में माना जा रहा है. हालांकि, पार्टी सूत्रों का कहना है कि अगर तीनों रिक्त पदों को भरा जाएगा तो क्षेत्रीय संतुलन भी एक निर्णायक कारक होगा. उन्होंने कहा कि त्रिवेंद्र सिंह रावत के मंत्रिमंडल में शामिल 9 मंत्रियों में से 6 गढ़वाल क्षेत्र के होने के कारण अब कुमाऊं क्षेत्र से आने वाले विधायकों का दावा अधिक मजबूत होगा.