Sunday , 24 June 2018

एक गाल पर थप्पड़ मारे तो दूसरा गाल आगे करने की सोच बदलनी होगी : संत रुघुवीरदास

बांसवाड़ा. पुरुषोत्तम माह के उपलक्ष्य में कुशलबाग मैदान में आयोजित श्री मारुति महायज्ञ और भागवत कथा के चौथे दिन गो संत और राष्ट्रसंत का मिलन हुआ. द्वारिकाधीश गोशाला के संत रघुवीरदास महाराज ने कथावाचक राष्ट्रसंत डॉ. तरुण मुरारी बापू की कथा सुनी.

कथावाचक ने कहा कि मनुष्य अंदर के गुणों को नहीं देखता वह बाह्य चमड़ी को देखकर प्रभावित हो रहा है. राष्ट्र की अखंडता के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि भारत पहले अखंड भारत था. लेकिन हमारी ही कमजोरी के कारण वह धीरे धीरे टूटता चला गया. अब समय आ गया है हमारी वृत्ति बदलने का. कोई अगर एक गाल पर थप्पड़ मारे तो दूसरा गाल आगे करने की वृत्ति बदलनी होगी. इसकी वर्तमान में बहुत जरूरत है. शास्त्र के साथ शस्त्र संधान पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है. सतीत्व की चर्चा करते हुए कहा कि भारत की नारी किसी को गुरु बनाए. यदि कोई नारी गुरुत्तर दायित्व निभाते हुए धर्म धारित हो तो उसे गुरु बनाएं.

The post एक गाल पर थप्पड़ मारे तो दूसरा गाल आगे करने की सोच बदलनी होगी : संत रुघुवीरदास appeared first on .

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*