Saturday , 11 July 2020

कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति ने 03 जुलाई को आहूत “राष्ट्रव्यापी प्रतिरोध दिवस” के समर्थन का ऐलान किया

लखनऊ. प्रदेश के लाखों कर्मचारी, शिक्षक, दैनिक संविदा श्रमिक वर्कचार्ज कर्मी एवं पेंशनर्स के संयुक्त प्रतिनिधि फोरम उ0प्र0 कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति ने केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों एवं अखिल भारतीय सरकारी राज्य कर्मचारी फेडरेशन के आवाहन पर 03 जुलाई को आहूत अ0भा0 प्रतिरोध दिवस का पुरजोर समर्थन किया है और सदस्यों से भागीदारी की अपील किया है. यह निर्णय आज विधान परिषद में शिक्षक दल के नेता उ0प्र0 शिक्षक महासंघ, समन्वय समिति एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा, एम0एल0सी0 की अध्यक्षता में सम्पन्न आॅनलाइन बैठक में लिया गया जिसमें समिति से जुड़े महासंघोध्परिसंघोध्संघो के शीर्ष नेताओं सर्वश्री समन्वयक अमरनाथ यादव, प्रवक्ता बी0एल0 कुशवाहा, माध्यमिक शिक्षक संघ के महामंत्री इन्द्रासन सिंह प्रवक्ता डाॅ0 आर0पी0 मिश्र, राज्य कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एस0पी0 सिंह अध्यक्ष कमलेश मिश्रा, जल संस्थान कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष रणवीर सिंह सिसोदिया महामंत्री राजेन्द्र यादव, स्वायत्त शासन कर्मचारी महासंघ के महामंत्री चन्द्रशेखर, मिनिस्टीरियल फेडरेशन के अध्यक्ष नरेन्द्र प्रताप सिंह महामंत्री पुनीत त्रिपाठी, अधीनस्थ कृषि सेवा संघ के अध्यक्ष राधारमण मिश्र महामंत्री अम्बा प्रकाश शर्मा प्रवेश कुमार सुपरवाईजर्स एसोसिएशन की अध्यक्ष रेनू शुक्ला महामंत्री शशिकला, परिवहन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष लवकुमार सिंह, ग्राम विकास अधिकारी संघ के अध्यक्ष गंगेश शुक्ला रामेश्वर प्रसाद पाण्डेय, वाणिज्य कर मिनि0 कर्मचारी संघ के अध्यक्ष संजय सिंह कमलदीप यादव जे0पी0 मौर्या, दैनिक वेतन श्रमिक संविदा महासंघ के महामंत्री रामभजन मौर्या, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष अशोक सिंह त्रिवेणी प्रसाद, जिला पंचायत कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अशोक त्रिपाठी महामंत्री संदीप श्रीवास्तव, समाज कल्याण अनु0जातिध्जनजाति प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष मिश्रीलाल यादव, सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेशनर्स एसोसिएशन के महामंत्री बाबूलाल वर्मा व ओ0पी0 त्रिपाठी ने भाग लिया. राष्ट्रव्यापी प्रतिरोध दिवस का आयोजन केन्द्रीयध्राज्य कर्मचारियों, शिक्षकों पेंशनर्स के वेतन, भत्तों, पंेशन देयों में कमी करने, श्रम कानूनों में बदलाव, श्रमिकांे को रोजगार मुहैया कराने, सरकारी संस्थानों का अंधाधुंध निजीकरण, कोराना फ्रंट पर लगे कर्मचारियों को आवश्यक सुरक्षा, उपकरण मुहैया कराने सहित कई ज्वलंत मुद्दों को लेकर किया गया है. कर्मचारी शिक्षक नेताओं ने कहा कि जायज मुद्दों के समाधान पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो आगे आने वाले दिनों में बड़ा आन्दोलन खड़ा हो सकता है.