Sunday , 28 November 2021
कैबिनेट के अहम फैसले, ई-सिगरेट पर पाबंदी और रेलकर्मियों को बोनस का तोफा!

कैबिनेट के अहम फैसले, ई-सिगरेट पर पाबंदी और रेलकर्मियों को बोनस का तोफा!

नई दिल्ली. केंद्रीय कैबिनेट ने आज कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं. जिसमें ई-सिगरेट पर पांबदी, और रेलवे कर्मियों को बोनस देने के फैसले लिए गए. केंद्र सरकार ने त्योहारों से पहले रेलवे कर्मचारियों के लिए बोनस का ऐलान किया है. इसके तहत, रेलवे कर्मचारियों को 78 दिन के वेतन के बराबर बोनस दिया जाएगा. 11 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को इसका फायदा मिलेगा. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि पहली बार लगातार छठे वर्ष रेलवे कर्मचारियों को बोनस दिया जा रहा है. बोनस देने में सरकारी खजाने पर 2,024 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा.

कैबिनेट की बैठक में अहम फैसला ई-सिगरेट को लेकर किया गया. सरकार ने ई-सिगरेट पर संपूर्ण पाबंदी लगाने का ऐलान किया है. ई-सिगरेट बैटरी से चलने वाले ऐसी डिवाइस है जिनमें लिक्विड भरा रहता है. यह निकोटीन और दूसरे हानिकारक केमिकल्‍स का घोल होता है. जब आप कश लगाते हैं तो हीटिंग डिवाइस इसे गर्म करके भाप  में बदल देती है. इसीलिए स्‍मोकिंग नहीं,  वेपिंग कहा जाता है. आजकल देखा गया है कि लोग आम सिगरेट की जगह ई-सिगरेट  पीने लगे हैं. उनका मानना है कि धुंआ देने वाली सिगरेट की जगह यह इलेक्‍ट्रॉनिक सिगरेट कम नुकसानदायक है और सेहत को कम नुकसान पहुंचती है, पर असलियत इससे अलग है. ई-सिगरेट भी सेहत पर बुरा असर डालती है. विश्व स्वास्थ्य संगठन  ने भी कहा था कि इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट से पारंपरिक सिगरेट जैसा ही नुकसान होता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इन दोनों प्रमुख फैसलों पर मुहर लगाई गई. कैबिनेट के लिए फैसले से वाकिफ कराने के लिए बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि सरकार ने ई-सिगरेट को बैन कर दिया है. उन्होंने बताया कि ई-सिगरेट के उपयोग, उत्पादन, बिक्री, भंडारण को पूरी तरह बैन कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों में भी इसका चलन तेजी से बढ़ रहा था.

सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से जब पूछा गया कि सरकार सिगरेट पर भी बैन क्यों नहीं लगा रही है, जो ई-सिगरेट से भी ज्यादा नुकसानदेह है तो उन्होंने कहा कि अभी इसकी (ई-सिगरेट की) लत नई है, इसलिए सरकार ने इसे शुरुआत में ही रोकने का फैसला किया है. सरकार ने साफ किया है कि ई-हुक्का पर भी बैन लगा है. पहला गुनाह करने पर आरोपी को 1 साल की सजा या एक लाख का जुर्माना या दोनों हो सकती है जबकि दूसरी बार पकड़े जाने पर 5 लाख तक जुर्माना या 3 साल की कैद या दोनों हो सकती है.

मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि आज सही समय पर कदम उठाया गया है जिससे ई-सिगरेट के चलन को बढ़ने से रोका जा सके. उन्होंने कहा कि दुनिया में क्या हो रहा है, इसकी पृष्ठभूमि है, लेकिन भारत के रिसर्च इंस्टिट्यूट्स ने इस पर अनुसंधान किया है. एम्स, टाटा और बाकी प्रमुख संस्थानों और डॉक्टरों ने इसकी सिफारिश की थी. टेक्निकल कमिटी ने इसकी पूरी जांच की इसके बाद ही मंत्रिमंडल के पास आया.