Saturday , 11 July 2020

कोविड-19 के 8059 नमूनों की जांच की गई जिसमें से 220 नमूनों को कोविड पाजीटिव पाया

अलीगढ़. अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के जवाहर लाल नेहरू मेडीकल कालिज अस्पताल में गत 15 दिनों में अलीगढ़, ऐटा तथा कासगंज से आने वाले कोविड-19 के 8059 नमूनों की जांच की गई जिसमें से 220 नमूनों को कोविड पाजीटिव पाया गया. यह संख्या कुल नमूनों का 2.7 प्रतिशत है. 8059 नमूनों में से 7659 नमूनों को कोविड-19 निगेटिव पाया गया है जो कुल नमूनों का 95 प्रतिशत है. यह बात स्वास्थय कर्मियों तथा अधिकारियों के लिये राहत की बात है. इसमें 180 नमूने (2.2 प्रतिशत) रिपीट नमूने थे. जेएन मेडीकल कालिज के प्रिन्सिपल एवं सीएमएस प्रो. शाहिद अली सिद्दीकी ने बताया कि गत 15 जून से 29 जून के बीच प्रातः होने वाले इन नमूनों की जांच तथा उसके परिणाम सम्बन्धित अधिकारियों को भेज दिया गया है. उन्होंने कहा कि जेएनएमसी की प्रयोगशालाओं में 24 घंटे काम हो रहा है तथा कोविड-19 के विरूद् लड़ाई में कालिज के सभी कर्मी पूरी तनमयता के साथ लगे हुए हैं. उन्होंने बताया कि 29 जून को 1198 नमूने उक्त तीन जनपदों से प्राप्त हुए थे जिनमें से केवल 17 नमूने कोविड पाजीटिव पाए गये. अमुवि कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने कहा कि एएमयू में आधुनिकतम प्रयोगशालाऐं मौजूद हैं तथा हमारे स्वास्थय कर्मियों के प्रयास अच्छे परिणाम ला रहे हैं. उन्होंने कहा कि कोविड-19 से सम्बन्धित विशेष वार्डों में इलाज और देखभाल की उच्च स्तरीय व्यवस्था है और इस कारण कोविड-19 के रोगी बड़ी संख्या में स्वस्थ होकर घर लोट रहे हैं.
प्रो. मंसूर ने कहा कि कोविड-19 जैसी स्वास्थय आपदा के दृष्टिगत लोगों को समाजिक दूरी को अपनाना होगा ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके. उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों को सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों पर सख्ती से कार्य करना चाहिए. जेएनएमसी के मेडीकल सुप्रिंटेंडेंट प्रो. हारिस मंजूर खान ने कहा कि कोरोना वायरस के नमूने आपातकाल के आधार पर जांचे जाते हैं तथा इसके लिये स्वास्थय कर्मियों को बहुत सतर्कता बरतनी होती है. इस स्थिति में स्वास्थय कर्मियों के लिये सुरक्षा के उच्च स्तरीय उपाय किये जा रहे हैं. इस बीच जवाहर लाल नेहरू मेडीकल कालिज के विभिन्न विभागों द्वारा टेली मेडीसिन द्वारा ओपीडी सेवाऐं प्रदान की जा रही हैं तथा विभिन्न विभागों की आपातकालीन सेवाऐं सुचारू रूप से जारी हैं.