Saturday , 27 November 2021
क्लैरिकल की 100 पोस्टों के लिए आज जम्मू में एग्जाम, J&K में पकड़ मजबूत करेगा SBI

क्लैरिकल की 100 पोस्टों के लिए आज जम्मू में एग्जाम, J&K में पकड़ मजबूत करेगा SBI

नई दिल्ली/जम्मू.केन्द्र सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने और लद्दाख को केन्द्र शासित प्रदेश (यू.टी.) बनाए जाने के बाद अब देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एस.बी.आई.) ने जम्मू-कश्मीर में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए काम करना शुरू कर दिया है. इसी मकसद से बैंक द्वारा कुछ माह पहले ली गई क्लैरिकल पोस्ट की परीक्षा के लिए शॉर्ट लिस्टेड किए गए अभ्यर्थियों का दूसरे चरण का टैस्ट आज जम्मू में होगा. इस टैस्ट में पास होने वाले 100 अभ्यर्थियों को एस.बी.आई. इसी रिजन में क्लैरिकल पोस्ट पर रखेगा. इनमें से 30 क्लर्क लद्दाख, 30 जम्मू और 40 अन्य क्षेत्रों में लगाए जाएंगे.
इस टैस्ट में पास होने वाले अभ्यर्थियों को फिलहाल बैंक की मौजूदा ब्रांचेज में ही लगाया जाएगा लेकिन ये नियुक्तियां इस इलाके में बैंक के विस्तार और पकड़ को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा हैं क्योंकि बैंक आने वाले दिनों में सिर्फ लद्दाख ही नहीं बल्कि कश्मीर घाटी में भी नई ब्रांचेज खोलने की योजना बना रहा है. बैंक ने लद्दाख इलाके में 2 अन्य ब्रांचेज के लिए सर्वे का काम पूरा कर लिया है और इनकी ओपनिंग की मंजूरी के बाद ये ब्रांचेज खुल जाएंगी जबकि 2 अन्य ब्रांचेज के लिए बैंक को आर्मी की तरफ से भी रिक्वैस्ट की गई है. फिलहाल जम्मू-कश्मीर में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की कुल 184 ब्रांचेज हैं जिनमें से 70 ब्रांचेज कश्मीर में हैं जबकि जम्मू में 100 और लद्दाख में 14 ब्रांचेज हैं.
केन्द्र सरकार की कई योजनाओं का फायदा जम्मू-कश्मीर के स्थानीय लोगों को नहीं पहुंच पा रहा था. सरकार की सारी योजनाएं बैंकों के जरिए ही जमीनी स्तर पर लागू होनी हैं और ऐसा तभी हो सकता है जब जमीनी स्तर पर लोग बैंकों से जुड़ें और हर इलाके में बैंकों की शाखाएं हों, एस.बी.आई. फिलहाल जम्मू-कश्मीर में ब्रांचेज खोलने को लेकर लोगों की जरूरत का आकलन और स्थिति का जायजा ले रहा है तथा पूरी जानकारी जुटाने के बाद जिन इलाकों में बैंक की ब्रांच खोलने की जरूरत हुई तो एस.बी.आई. अपनी नई ब्रांचेज जरूर खोलेगा क्योंकि देश के बड़े बैंकर होने के नाते लोगों को बुनियादी बैंकिंग सेवाएं मुहैया करवाना हमारी जिम्मेवारी का हिस्सा भी है.