Wednesday , 8 July 2020

घंटाघर प्रदर्शन में महिलाओं का समर्थन करने पहुंचे बौध समाज के लोग

लखनऊ. हुसैनाबाद के घंटाघर पर सीएए व एनआरसी को लेकर महिलाओं का प्रदर्शन लगातार जारी है. इस ठंड के मौसम में महिलाएं बच्चों के साथ धरने पर बैठकर नो सीएए, नो एनआरसी के नारे लगा रही हैं. दिल्ली के शाहीन बाग आंदोलन की तर्ज पर खड़ी सीएए व एनआरसी के विरोध में देश के कोने-कोने में हो रहे प्रोटेस्ट ने सरकार को सोचने पर मजबूर कर दिया है. इसी कड़ी में रविवार को घंटाघर पर प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं का समर्थन करने के लिए बौद्ध समाज के लोग भी पहुंचे. बौद्ध धर्म के बिक्षिक प्रज्ञा साग ने कहा, सीएए व एनआरसी को लागू कर सरकार घोटालों को छिपाने का काम कर रही है. इतना ही नहीं उन्होंने समर्थन में हो रही आज रैली पर भी बोले, कहा-जिसकी जिसकी जैसी सोच वैसी उनकी मानसिकता होती है. बिक्षिक प्रज्ञा साग ने कहा मैं महिलाओं का समर्थन करने नहीं बल्कि पूरे देश का समर्थन करने आया हूं. यहां सिर्फ महिलाएं नहीं रहती हैं, इस देश में बच्चे,बूढ़े, सभी लोग रहते हैं. ये सबका समान अधिकार है. यहां माताएं, बहनें इसलिए बैठी हैं क्योंकि इन्हें डर और चिंता सता रही है. जिनका बच्चा पेट में है या जिनका बच्चा गोद में है, हम उसको क्या देने जा रहे हैं. उन्होंने कहा, जिन्हें चिंता है वो आएगा, लेकिन जिन्हें नहीं है वो नहीं आएंगे. बिक्षिक प्रज्ञा साग ने कहा जब सरकार ने कानून बनाया है तो आज नहीं तो कल वह उसे लागू करेंगे. उन्होंने कहा अभी सरकार महौल देख रही है कि हो क्या रहा है. इतना ही नहीं उन्होंने ये भी कहा कि पीएसी और पुलिस हाथ में है. इस प्रदर्शन में जो आयेगा. जिसे मरना होगा मरेगा, दूसरों को उनसे क्या लेना-देना है. वहीं वह समर्थन के दौरान रेलवे की बात करते हुए कहा कि जो रेलवे पहले हजारों करोड़ का फायदा देती थी. अचानक से वह घाटे में कैसे चली गई. इसके अलावा और भी जो सारी चीजें हैं वह कैसे बिकती चली जा रहीं हैं. उन्होंने कहा एक तरफ सरकार जनता को खुश भी कर दे रही है और दूसरी तरह उसे भूखमरी के कगार पर पहुंचा दे रहे हैं. सीएए व एनआरसी को लेकर घंटाघर पर चल रहे प्रदर्शन में शामिल होने दिल्ली से महिलाएं पहुंची हैं. इसके अलावा घंटाघर पर समर्थन में दिल्ली, बाराबंकी, आजमगढ़, फैजाबाद, आसाम व जेएनयू के छात्र भी पहुंचे हैं. इन महिलाओं का कई जनपदों के अनेक संगठनों ने भी समर्थन किया है. ऐसे में घंटाघर पर महिलाओं की हजारों की संख्या में भीड़ इकट्ठा होते देख सुबह से पुलिस काफी अलर्ट है. घंटाघर पर पुलिस फोर्स के साथ ही लखनऊ के ज्वाइंट कमिश्नर नीलाब्जा चैधरी व एडीसीपी विकास चंद त्रिपाठी भी गस्त पर हैं.