Thursday , 19 September 2019
घर पर सेलिब्रिटी जैसी नहीं लगती: कृति सैनन

घर पर सेलिब्रिटी जैसी नहीं लगती: कृति सैनन

मुंबई.अभिनेत्री कृति सैनन के लिए यह साल मिले-जुले अनुभव लेकर आया. जहां उनकी फिल्म ‘लुकाछुपी’ बॉक्स ऑफिस पर सफल रही, वहीं फिल्म ‘अर्जुन पटियाला’ को बहुत अच्छी प्रतिक्रिया नहीं मिली. पर कृति इन नतीजों से बहुत प्रभावित नजर नहीं आ रही हैं. वह बॉक्स ऑफिस के नतीजों की परवाह किए बिना अपने किरदारों में विविधता बनाए रखना चाहती हैं. आगामी फिल्म ‘पानीपत’ एक पीरियड ड्रामा फिल्म है. वहीं फिल्म ‘हाउसफुल 4’ कॉमेडी है. इन विविध फिल्मों पर वह कहती हैं, ‘बतौर एक्टर, फिल्मों के चयन में एक संतुलन बनाकर रखना जरूरी होता है. ऐसा न करने पर आप एक तरह की फिल्मों तक सीमित रह जाते हैं और आप पर एक विशेष तरह के एक्टर होने का ठप्पा लग जाता है.
एक्टर को हर तरह के दर्शकों की पसंद के हिसाब से फिल्में करनी चाहिए. मैं अपनी तरफ से पूरी कोशिश करती हूं कि यह संतुलन बनाकर रखूं. हमेशा बेहतरीन किरदार मिलना मुश्किल होता है. कभी लगता है, अरे यार, इतनी अच्छी स्क्रिप्ट का प्रस्ताव तो मेरे पास पहले कभी नहीं आया. और कभी लगता है, किरदार बहुत दिलचस्प तो नहीं है, पर कर लेती हूं. हमेशा दमदार किरदार का इंतजार तो नहीं करती रह सकती. वैसे भी, किसी फिल्म में काम करने की कोई एक वजह नहीं होती. उसकी कई वजहें हो सकती हैं, जैसे शानदार स्क्रिप्ट, शानदार टीम आदि. हमेशा शानदार रोल ही अहम नहीं होता.
साल 2017 में रिलीज फिल्म ‘बरेली की बर्फी’ ने उनकी तकदीर ही बदल दी. इस फिल्म ने कृति से जुड़े कई मिथक तोड़े. वह बताती हैं,‘कई लोगों को इस बात पर संदेह था कि मैं छोटे शहर की लड़की बिट्टी का किरदार निभा पाऊंगी या नहीं. पर जब मैंने इस किरदार को निभाया, तो उन्होंने मेरा एक अलग ही अंदाज देखा. मेरी इमेज हमेशा से एक ग्लैमरस अभिनेत्री की रही है. पर मुझे पता है कि मैं हूं तो दिल्ली की एक साधारण मिडिल क्लास लड़की ही. घर पर मैं कभी भी सेलिब्रिटी जैसी नहीं दिखती. मेरी मां को तो कभी-कभार हैरत होती है कि मैं हीरोइन कैसे बन गई.