Sunday , 23 February 2020
जन स्वास्थ्य अभियान्त्रिकी विभाग में कार्यरत कर्मचारियों के वेतन कटौती पर Rajasthan High Court की रोक

जन स्वास्थ्य अभियान्त्रिकी विभाग में कार्यरत कर्मचारियों के वेतन कटौती पर Rajasthan High Court की रोक

जोधपुर.  राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर ने बंशीलाल एवं अन्य बनाम राजस्थान सरकार मामले में पुनः वेतन वसूली के राज्य सरकार के आदेश पर रोक लगाते हुए संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किए हैं.

याचिकाकर्ता बंशीलाल एवं अन्य 48 लोगों ने राज्य सरकार की अधिसूचना 30 अक्टूबर 2017 द्वारा पुनः वेतन निर्धारण करने के विरोध में राज्य सरकार के आदेश के ख़िलाफ़ राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर में याचिका प्रस्तुत कर वेतन वसूली व पुनः वेतन निर्धारण को चुनौती दी थी. याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अभिषेक पारीक एवं उनके सहयोगी वक़ील शैलेंद्र कुमार ने न्यायालय के समक्ष तर्क दिया कि विभाग की ओर 28 जून 2013 के आदेश द्वारा ग्रेड पे 3200, 3600 एवं 4200 कि पुनरीक्षित करते हुए 3600, 4200 तथा 4600 किया गया था लेकिन 30 अक्टूबर 2017 के आदेश द्वारा उक्त ग्रेड पे में कटौती की गई.

याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता ने न्यायालय के सामने तर्क रखा कि सर्व प्रथम अधिसूचना 30 अक्टूबर 2017 द्वारा यह प्रावधान किया गया था कि, संशोधन के बावजूद कर्मचारियों को दिए गए वेतन से कोई कटौती नहीं की जाएगी. माननीय न्यायाधीश महोदय दिनेश मेहता ने दिनांक 28.01.2020 को राज्य सरकार व संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए आदेश दिया है कि याचिकाकर्ताओं से किसी भी प्रकार की वसूली नहीं की जाएगी तथा जो कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं उनके सेवानिवृत्ति के वैकल्पिक लाभ दिए जाएं.