Friday , 10 April 2020

जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा था, है और रहेगा : भारत का UNHRC में पाकिस्तान को जवाब

जिनेवा:संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की बुधवार (26 फरवरी) को यहां हुई बैठक में एक शीर्ष भारतीय राजनयिक ने कहा कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा ”था, है और हमेशा रहेगा.” इससे एक दिन पहले पाकिस्तान ने कश्मीर मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप करने की मांग की थी.

स्विट्जरलैंड में यहां 24 फरवरी से 20 मार्च तक आयोजित संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 43वें सत्र में विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) विकास स्वरूप ने पाकिस्तान को वैश्विक आतंकवाद का केंद्र बताया. उन्होंने पाकिस्तान का जिक्र करते हुए उन देशों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने की अपील की जो आतंकवादियों को निर्देश देते हैं, उन्हें नियंत्रित करते हैं, उनका वित्त पोषण करते हैं तथा उन्हें पनाह देते हैं.

पाकिस्तान पर उसके पड़ोसी आतंकवादी समूहों को पनाह देने का आरोप लगाते हैं. स्वरूप की यह टिप्पणी पाकिस्तान द्वारा एक दिन पहले की गई टिप्पणी के जवाब में आई है. मंगलवार (25 फरवरी) को पाकिस्तान की मानवाधिकार मंत्री शिरीन मजारी ने आरोप लगाया कि भारत कश्मीरी लोगों के मानवाधिकारों का उल्लंघन कर रहा है और उन्होंने भारत द्वारा पिछले साल पांच अगस्त को उठाए सभी कदमों को तत्काल वापस लेने की मांग की.

गौरतलब है कि भारत ने गत पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू कश्मीर को मिला विशेष दर्जा खत्म कर उसे दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया था. पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने की कोशिश करता रहा है, लेकिन भारत का कहना है कि अनुच्छेद 370 का मामला उसका ”आंतरिक मामला” है और इस्लामाबाद को हकीकत स्वीकार कर लेनी चाहिए तथा भारत विरोधी अभियान बंद कर देना चाहिए.