Sunday , 12 July 2020

टैक्स चोरी कर राजस्व को लाखों का चूना लगा रही, टूरिस्ट बसें

उरई/ जालौन. टूरिस्ट बसों की डग्गामारी सिर्फ यात्रियों की जान पर भारी नहीं पड़ रही है, बल्कि यह बस संचालक टैक्स चोरी कर राजस्व को भी लाखों रुपये का प्रतिदिन चूना लगा रहे हैं. सब कुछ जानने के बाद भी जिम्मेदार इस पर कोई कार्रवाई नहीं करते, जिससे इन बसों से लगातार मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, गुजरात आदि प्रदेशों से टैक्स चोरी का माल लाया और ले जाया जाता है. बता दें कि वाणिज्य कर विभाग की ट्रांसपोर्टरों पर सख्ती के बाद टैक्स चोर गिरोह ने इन टूरिस्ट बसों को टैक्स चोरी का मुख्य जरिया बना लिया है. माफिया इन बसों को अपने माल ढुलाई का मुख्य साधन बनाए हैं. सूत्रों की मानें तो अधिकांश बस संचालक आरटीओ प्रशासन के साथ वाणिज्य विभाग के अधिकारियों से सांठगांठ कर धड़ल्ले से टैक्स चोरी का खेल खेल रहे है. माफिया इन गाड़ियों से प्रतिबंधित माल तक बड़ी आसानी से मंगा लेते हैं. प्रशासन व अन्य लोगों का ध्यान सिर्फ सवारियों पर ही होता है, जिससे माफिया आसानी से इन बसों से माल बिना किसी रोक टोक के मंजिल तक पहुंचा देते हैं. एक बस ट्रैवल्स संचालक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि किसी भी ट्रैवल्स बस की मुख्य कमाई सिर्फ भाड़े में होती है. सवारियों से तो सिर्फ डीजल का खर्च भर निकलता है. बसों दोनों ओर से माल लाती और ले लाती है. उन्होंने बताया कि जिले से सबसे पास मध्य प्रदेश की सीमा सटी है, इसमें ग्वालियर मुख्य है फिर इंदौर आदि जिले आते हैं. अभी हाल ही में प्रशासन ने ग्वालियर से चलने वाले ट्रांसपोर्टरों पर सख्ती की थी, जिसके बाद माफिया अब ग्वालियर से मुख्यता माल सिर्फ बसों के माध्यम से ही लाते ले जाते हैं. जिससे बस संचालकों की खासी कमाई होती है. ग्वालियर तो सिर्फ बानगी है, राजस्थान, गुजरात, इंदौर आदि से भी माल जिले की मंडियों में लाया और यहां से ले जाया जाता है. एआरटीओ मनोज कुमार कहते हैं कि इन बसों के परमिट के अनुसार रास्तों से सवारियों भरना नियम विरुद्ध है जिसे लेकर लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं और रही टैक्स चोरी की बात तो अभियान में वाणिज्य विभाग की टीम को भी शामिल कर सख्त अभियान चलाया जाएगा.