Saturday , 11 July 2020

डीएम ने बाढ़ से बचाव के लिए किए जा रहे कार्यों का किया निरीक्षण

सिरौलीगौसपुर बाराबंकी. घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ते ही अधिकारियों के माथे पर सिलवटें पड़ने लगी हैं. घाघरा के प्रकोप से गांव ग्रामीण व बंधे को बचाने के लिए बाढ़ विभाग द्वारा कराए जा रहे स्पर निर्माण का निरीक्षण जिलाधिकारी द्वारा किया गया . निरीक्षण के दौरान मिली कमियों को दूर कर कार्य को एक हफ्ते में पूरा करने के निर्देश बाढ़ खंड के अधिकारियों को जिलाधिकारी द्वारा दिया गया है. सोमवार को डीएम आदर्श कुमार सिंह एडीएम संदीप गुप्ता के साथ सिरौलीगौसपुर क्षेत्र में घाघरा नदी के तटवर्ती गांव में किए जा रहे सुरक्षा  कार्यों का गहन निरीक्षण किया. सबसे पहले जिला अधिकारी बाढ़ खंड के अधिकारियों के साथ सनावा के पास कटान का कहर झेल रहे कहारनपुरवा गांव का निरीक्षण किया. यहां परक्यूपाइन बैग लगाकर बाढ़ विभाग द्वारा कटान को रोकने के लिए किए जा रहे प्रयासों को और तेज करने के निर्देश दिए.  इसके बाद टेपरा गांव में  परक्यूपईन लगाकर बनाए गए बेड को देखा और कार्य को समय से पूरा करने के निर्देश दिए. अलीनगर रानीमऊ तटबंध की सुरक्षा को लेकर बाढ़ विभाग द्वारा बनवाए जा रहे स्पर के निर्माण में धीमी गति से चल रहे कार्य को मजदूरों की संख्या बढ़ाकर तेज करने के साथ ही तेजी से कार्य को पूरा कराने के निर्देश दिए हैं. बताते चलें इटहुवा पूरब गांव में बांध से चंद कदम की दूरी पर भारी बेग के साथ बह रही घाघरा की कटान से अधिकारियों के कान खड़े हो गए हैं.  उन्हें  बांध की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है. इसको लेकर स्पर निर्माण कराया जा रहा है. वहीं जिलाधिकारी ने एसडीएम सिरौलीगौसपुर को निर्देशित किया है कि नदी की कटान की जद में आने वाले लोगों को सुरक्षित जगह पर  बसाने के लिए आवासीय भूमि उपलब्ध कराने हेतु एक प्रस्ताव बनाकर उन्हें दिया जाए. जिसे शासन को भेज कर जमीन की व्यवस्था कराई जाए. इस मौके पर जिला अधिकारी के साथ एडीएम संदीप गुप्ता एसडीएम सिरौलीगौसपुर प्रतिपाल सिंह चौहान बाढ़ विभाग के अधिशासी अभियंता  उत्कर्ष भरद्वाज सहायक अभियंता राकेश भाष्कर अवर अभियंता राहुल कुमार धनंजय तिवारी आदि लोग मौजूद रहे .

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स्पर निर्माण में अधिग्रहीत की गई भूमि का मुआवजा पाने के लिए दर-दर भटक रही भंवरीकोल गांव की वृद्ध महिला परमावती ने एडीएम संदीप गुप्ता से अपनी जमीन का मुआवजा दिलाए जाने की गुहार लगाई. महिला का कहना है कि उसके ससुर के नाम खतौनी में रामपाल की जगह रामपति दर्ज हो गया है. जिसके चलते उसे अब तक मुआवजा नहीं मिल पाया है. वह कई बार अपने ससुर के नाम को सही कराने के लिए तहसील के चक्कर लगा चुकी है. किंतु तहसील के अधिकारियों द्वारा उसे तरह-तरह के बहाने बताकर लौटा दिया जाता है. महिला ने बीते सप्ताह क्षेत्र के दौरे पर आए जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह से भी अपना मुआवजा दिलाए जाने की गुहार लगा चुकी है.ReplyReply allForward