Saturday , 11 July 2020

दबंगों की गिरफ्तारी के लिए अधिवक्ताओं ने थाना घेरा

लखनऊ. गंभीर अपराधों में भी राजधानी की जानकीपुरम थाना पुलिस बेहद गैरजिम्मेदाराना रवैया अख्तियार कर रही है. जिसका खामियाजा पीड़ितों को भुगतना पड़ रहा है. हालत यह है कि पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय के निर्देश के बाद भी जानकीपुरम थाना पुलिस अपने अंदाज में बदलाव लाने के लिए तैयार नहीं है. दबंगों के खिलाफ कार्रवाई न होने पर मंगलवार को थाने का घेराव करने पहुंचे पीड़ितों ने ऐसे ही आरोप लगाए हैं. जानकीपुरम थाना क्षेत्र में किराए पर रहने वाले ज्वाला प्रसाद मिश्रा का 24 जून को मकान मालिक सुरेन्द्र शुक्ला से विवाद हो गया था. आरोप है कि मकान मालिक सुरेन्द्र शुक्ला तुरंत मकान खाली करने को कह रहे थे. मना करने पर सुरेन्द्र शुक्ला, उनके बेटे प्रतीक शुक्ला, सुरेन्द्र की पत्नी और नौकर ने ज्वाला प्रसाद मिश्रा पर लाठी-डंडों व धारदार हथियार से हमला कर दिया. भाई पर हमले की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे अधिवक्ता सुरेश मिश्रा पर भी दबंगों ने हमला कर दिया. आरोप है कि सुरेन्द्र शुक्ला और उनके साथियों ने ज्वाला प्रसाद मिश्रा, उनकी गर्भवती पत्नी व अधिवक्ता सुरेश मिश्रा को जमकर पीटा. हमले में गंभीर रूप से घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया था. पीड़ितों ने जानकीपुरम थाने में आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है. लेकिन स्थानीय पुलिस अभी तक एक भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की है. पीड़ित अधिवक्ता ने कार्रवाई के लिए पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय से भी लगाई है. पीड़ितों के अनुसार कमिश्नर ने थाने पर फोन कर तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी करने को कहा था. लेकिन जानकीपुरम थाना पुलिस लगातार लापरवाही बरत रही है. पीडि.त पक्ष ने आरोप लगाया है कि इंस्पेक्टर जानकीपुरम दबंगों की गिरफ्तारी करने से कतरा रहे हैं. इंस्पेक्टर का कहना है कि जब पूरी जांच नहीं जाती, तब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं कर सकते. हमारे ऊपर काफी दबाव है. जांच पूरी होने के बाद ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होगी. तुम लोगों को जो करना है, वो कर लो. मंगलवार को गंभीर रूप से घायल वकील सुरेश मिश्रा अपने साथियों के साथ जानकीपुरम थाने पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. पीड़ित वकील के साथी सर्वेश मिश्रा ने बताया कि हमले में गंभीर रूप से घायल ज्वाला प्रसाद मिश्रा की हालत नाजुक बनी हुई है. उनके सिर में गंभीर चोटें आई हैं. उन्हें अभी तक होश नहीं आया है. जबकि ज्वाला प्रसाद की गर्भवती पत्नी के पेट में गंभीर चोट हैं. पीड़ित अधिवक्ता सुरेश मिश्रा ने कहा कि घटना को 6 दिन बीत चुके हैं. लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है. आरोपी लगातार उन पर समझौता करने का दबाव बना रहे हैं. ऐसा न करने पर दबंग उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं. अधिवक्ताओं ने कहा कि यदि पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो दो जुलाई को कोर्ट खुलने पर कमिश्नर कार्यालय का घेराव किया जाएगा.