Monday , 26 August 2019

दस टीबी ग्रस्त बच्चों को गोद लेंगी राज्यपाल

लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज उत्तर प्रदेश क्षय निवारक संस्था एवं रेडक्रास सोसायटी के सदस्यगण से राजभवन में भेंट की. इस अवसर पर राज्यपाल के अवसर अपर मुख्य सचिव श्री हेमन्त राव, क्षय निवारण संस्था के चेयरमैन आर.सी. त्रिपाठी, रेडक्रास सोसायटी के सभापति सुरेश कुमार श्रीवास्तव, राज्यसभा सदस्य अशोक बाजपेई, मुख्य चिकित्सा अधिकारी लखनऊ नरेन्द्र अग्रवाल, राज्य टीबी अधिकारी डाॅ. संतोष कुमार, शारदा प्रसाद शुक्ल, डाॅ. सरजीत सिंह डंग, डाॅ. दीक्षित सहित विभिन्न जनपदों से आये सदस्यगण, टीबी के क्षेत्र में कार्य करने वाले स्वयंसेवी संगठन के सदस्यगण भी उपस्थित थे.
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2025 तक टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य रखा है. क्षय निवारण संस्था तथा रेडक्रास सोसायटी संकल्प के साथ निर्धारित वर्ष से पूर्व ही उत्तर प्रदेश को टीबी मुक्त प्रदेश बनाने में सहयोग करें. उन्होंने घोषणा की कि टीबी रोग से ग्रसित 10 बच्चों को गोद लेंगी तथा उनके स्वास्थ्य, दवा और कुपोषण को दूर करने में सहयोग करेंगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि गोद लेने का तात्पर्य यह नहीं है कि उसे परिवार से अलग किया जायेगा बल्कि बच्चा परिवार के साथ ही रहेगा लेकिन उसको रोग मुक्त करने में सहयोग के साथ नियमित अनुश्रवण किया जायेगा. उन्होंने कहा कि धर्म, वर्ग, सम्प्रदाय के आधार पर नहीं बल्कि भारत का नागरिक समझ कर सेवा करें.
राज्यपाल ने कहा कि सभी जनपदों में जिलाधिकारी के स्तर से 18 वर्ष से कम आयु के टी0बी0 रोग से ग्रसित बच्चों की सूची बनाई जाये. विश्वविद्यालय, कालेज, स्वयंसेवी संगठनों व आम जनता द्वारा टीबी रोग से ग्रसित बच्चों को गोद लेकर उनका इलाज कराया जायेगा. प्यार, दवा और पौष्टिक आहार से बच्चे जल्द ठीक हो जाते हैं. गांव और किसान तक पहुंच बनायें. कुछ लोग सामाजिक डर से ही रोग की जांच नहीं कराते हैं. टीबी रोग से ग्रसित बच्चे व कुपोषित गर्भवती महिलाओं को सरकारी योजनाओं की जानकारी हो जिससे वे लाभान्वित हो सकते हैं. ऐसे लोगों को जागरूक करके इलाज कराने के लिये प्रेरित करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय, कालेज, संस्थायें आदि मिलकर काम करेंगी तो टीबी रोग जल्द सामाप्त हो जायेगा.श्रीमती पटेल ने गुजरात और मध्य प्रदेश में बच्चों और महिलाओं के विकास हेतु किये गये कार्यों के अनुभव को भी साझा किया. उन्होंने बताया कि कैसे पुलिसकर्मियों को रोगी और कुपोषित बच्चों की सहायता के लिये प्रेरित किया जिससे रोगी सेवा के साथ-साथ गाँव में पुलिस के नियमित रूप में आने जाने से पुलिस मित्र बनी. इससे बेटियों के प्रति अभद्र व्यवहार पर भी रोक लगेगी. समाज में सेवा की प्रकृति है, उसे प्रोत्साहित करके आगे लाने की जरूरत है. जन-प्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्र में सेवा के माध्यम से बदलाव लायें. उन्होंने कहा कि महिलायें भी अच्छा कार्य कर सकती हैं, उन्हें स्वयं आगे आना चाहिए. राज्यपाल ने दोनो संस्थाओं द्वारा उत्तर प्रदेश में किये जा रहे कार्यों की जानकारी भी ली और आवश्यक निर्देश भी दिये. बैठक में जिले से आये सदस्यों ने टीबी से ग्रसित बच्चों को गोद लेने पर सहमति जताई.