Saturday , 27 November 2021
”दिल्ली भाजपा ऑड ईवन की करेगी विरोध”

”दिल्ली भाजपा ऑड ईवन की करेगी विरोध”

नई दिल्ली. दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को पत्र लिखकर दिल्ली सरकार द्वारा प्रदूषण रोकने के उपायों को खारिज करते हुये कहा कि पिछले 55 महीनों में केजरीवाल ने प्रदूषण रोकने के लिए कोई उपाय नहीं किये हैं. केजरीवाल ने दिल्ली की सड़कों को वैक्यूम क्लिीनर से साफ करने, साइकिल और पैदल पथ बनाने जैसे वादे किये थे, लेकिन उन्होंने कोई भी वादा पूरा नहीं किया. इसके उलट आड-ईवन लागू करके दिल्ली के लोगों को परेशान करने और अपनी गलतियों को छुपाने का काम कर रहे हैं.

तिवारी ने कहा कि केजरीवाल सरकार जिन मुद्दों पर विफल रही है उन मुद्दों से दिल्ली की जनता का ध्यान भटकाने के लिए आॅड-ईवन लागू कर रही है. केजरीवाल सरकार निजी वाहनों को प्रदूषण का मुख्य कारण समझती है, यह उन लोगों के लिए बेहद दुखदाई और घोर अवहेलना है जो नियमित तौर पर यातायात नियमों का पालन करते हैं, अपने बच्चों को स्कूल छोड़ते हैं व खुद कार्यालय जाते हैं, जबकि इसके पीछे कोई भी वैज्ञानिक कारण नहीं हैं.

तिवारी ने अपने पत्र में कहा कि दिल्ली की टैªफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए 20 हजार बसों की जरूरत है जबकि डीटीसी की मात्र 3000 बसें हैं जो आॅड-ईवन लागू होने के बाद विकल्प बनने में सक्षम नहीं हैं क्योंकि अधिकांश बसें खस्ता हालत में हैं. केजरीवाल मात्र 25 क्लस्टर बसें ला सके हैं जबकि प्रदूषण रोकने के लिए दिल्ली सरकार को इलैक्ट्रानिक और सीएनजी बसें पर्याप्त मात्रा में लानी चाहिये थी.

तिवारी ने कहा कि केन्द्र में मोदी सरकार आने के बाद 2014 से ही प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए जंग शुरू कर दी थी. वह 2014 से दिल्ली में प्रदूषण रोकने के लिये काम कर रही है. मोदी सरकार की नीतियों के कारण प्रदूषण में लगातार कमी आई है जिससे पीएम-2.5 और पीएम-10 के स्तर में कमी आई है. बीएस-6 के पेट्रोल-डीजल वाहन की शुरूआत केन्द्र सरकार के अथक प्रयास से हुई. बीएस-6 वाहनों के लिए दिल्ली में पेट्रोल मिलना शुरू हो गया है.

ये वाहन 1 अप्रैल, 2020 से मिलने शुरू हो जायेंगे. केन्द्र सरकार के इन प्रयासों से दिल्ली में वाहन प्रदूषण में 80 प्रतिशत कमी आयेगी. मोदी सरकार ने 135 किलो मीटर का ईस्टर्न पेरीफेरल ईवे (गाजियबाद, नोएडा फरीदाबाद, पलवल एवं कुंडली) एवं 135 किलो मीटर वेस्टर्न पेरीफेरल ईवे (कुंडली, बहादुरगढ़, गुरूग्राम, पलवल) का निर्माण किया और मेरठ एक्सप्रेस वे के एक चरण का निर्माण हो गया है और दूसरे चरण का भी अगले 4 महीनों में निर्माण पूरा हो जायेगा. एक्सप्रेस-वे बनने से दिल्ली में लगभग 60 हजार वाहन आना बंद हो गये हैं.