Wednesday , 12 August 2020

देश में कोरोना से मरने वालों में 60 साल से कम उम्र वाले ज्यादा

नई दिल्ली. देश-दुनिया में कोरोना के आंकड़े लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं. कोरोना से सबसे ज्यादा खतरा उम्रदराज वालों के लिए बताया जा रहा है लेकिन अगर भारत की बात करें तो यहां वायरस से मरने वालों में जवान लोगों की बड़ी तादाद है. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, देश में कोरोना से मरने वालों में 30 से 44 साल और 45 से 59 साल के बीच के लोगों की तादाद 43 प्रतिशत है जबकि 47 प्रतिशत लोगों की उम्र 60 साल से कम है. भारत में 45 साल से ज्यादा कम उम्र वालों के लिए कोरोना ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है. देश में 25 प्रतिशत आबादी की उम्र 45 साल से ज्यादा है लेकिन कोरोना से मरने वालों में इनका प्रतिशत 85 प्रतिशत है. स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 45-75 साल के आयु वर्ग में कोरोना से सबसे ज्यादा 71 प्रतिशत मौतें हुईं हैं. इसी तरह देश में 30-44 साल और 45-59 साल आयु वर्ग के लोगों की कुल आबादी 37 प्रतिशत है लेकिन कोरोना से मरने वालों में दोनों आयु वर्गों का कुल हिस्सा 43 प्रतिशत है. 14 साल से कम उम्र के 1 प्रतिशत मरीजों की मौत हुई है.15 से 29 वर्ष के 3 प्रतिशत मरीजों की मौत हुई है. 30-44 एज ग्रुप के 11 प्रतिशत. 45-59 आयु वर्ग के 32 प्रतिशत. 60-74 आयु वर्ग के 39 प्रतिशत 75 साल से ज्यादा उम्र के 14 प्रतिशत शामिल हैं. कोरोना संकट के बीच जो सबसे राहत वाली खबर है वो यह कि ठीक होने वाले लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. 31 मई तक रिकवरी रेट 47.40 प्रतिशत था जो 9 जुलाई तक बढ़कर 62.09 प्रतिशत पहुंच चुका है. 3 मई तक रिकवरी रेट 26.59 प्रतिशत था. जाहिर है कि रिकवरी रेट में लगातार इजाफा हो रहा है.