Friday , 20 July 2018

नशीली दवाओं के कारोबार का मामला : मुख्य आरोपी ने कहा, मामला उदयपुर कोर्ट में चलाने का क्षेत्राधिकार नहीं

उदयपुर. करोड़ों रूपए की नशीली दवा के अवैध कारोबार के मुख्य आरोपी की ओर से अदालत में प्रार्थना पत्र पेश कर कहा कि उसके खिलाफ मामला उदयपुर कोर्ट में चलाए जाने का क्षेत्राधिकार नहीं है. इस प्रार्थना पत्र पर डीआरआई की ओर से 20 जुलाई को जवाब पेश किया जाएगा और 27 जुलाई को प्रार्थना पत्र पर सुनवाई होगी.

प्रकरण के अनुसार प्रतापनगर निवासी सुभाष पुत्र थावरदास दुदानी की ओर से राजस्व सूचना निदेशालय मुंबई, दिल्ली एंव जयपुर की जोनल यूनिट के खिलाफ प्रार्थना पत्र पेश कर बताया कि उसका प्रकरण उदयपुर कोर्ट में चलने का क्षेत्राधिकार नहीं है. 2016 में मुंबई जोनल यूनिट के स्पेसिफिक इंटेलीजेंस यूनिट बतौर डीआरआई ने मेथाकुलोन टेबलेट बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया था. डीआरआई मुंबई शुरूआती दौर में इस केस को देख रही थी. फाईल क्रमांक डीआरआई / डी-20/जेआरओ / 19 / आईएनटी-04 / 2016 में कभी भी गिरफ्तार नहीं हुआ. खर्च व सीजर की गई दवाइयों से प्रार्थी का कोई लेना-देना नहीं है. यह सारी सीजिंग सुभाष दुदानी के बगैर हुई है. मुंबई, दिल्ली एवं जयपुर की जोनल यूनिट, रिजनल यूनिट एवं उदयपुर यूनिट समय-समय पर क्लेम कर रही है कि सूचना उनहें प्राप्त हुई थी.

मुंबई जोनल यूनिट का प्रकरण संख्या डीआरआई /एम-20/सी/आईएनटी / 109/ 16 देखने-सुनने में डिमांड डिसाइड करने का क्षेत्राधिकार उदयपुर न्यायालय को नहीं है. ऐसे में कोर्ट से आग्रह किया गया कि क्षेत्राधिकार डिसाइड करने का निर्णय लिया जाए. उधर, डीआरआई की ओर से विशेष लोक अभियोजक प्रवीण खंडेलवाल ने उक्त प्रार्थना पत्र पर जवाब के लिए समय चाहा. अदालत ने 20 जुलाई तक जवाब प्रस्तुत करने के आदेश दिए और उसके बाद 27 जुलाई को प्रार्थना पत्र की सुनवाई होगी. इस मामले में कलड़वास स्थित दुदानी बंधुओं की फैक्ट्री से करोड़ों रूपए की मैन ड्रग्स बरामद की थी.

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