Thursday , 19 September 2019

पूरा हुआ मिशन का अहम दौर, 7 सितंबर को इतिहास रचेगा भारत: ISRO चीफ

नई दिल्ली/बेंगलुरु .बेंगलुरु स्थित इसरो मुख्यालय में चेयरमैन डॉक्टर के सिवन ने मीडिया ब्रीफिंग के जरिए चंद्रयान 2 के लूनर आॅर्बिट में प्रवेश के बाद चंद्रयान 2 की आगे की राह के बारे में जानकारी दी. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए चंद्रयान2 को चंद्रमा की कक्षा में मंगलवार को सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया. इस मिशन की सफलता के बाद इसरो चीफ के सिवान ने कहा कि चंद्रयान-2 मिशन ने आज बड़ी उपलब्धि हासिल की. लूनर ऑर्बिट इंसर्शन प्रक्रिया सुबह नौ बजकर दो मिनट पर सफलतापूर्वक पूरी हुई. यह पूरी प्रक्रिया 1,738 सेकेंड की थी और इसके साथ ही चंद्रयान 2 चंद्रमा की कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित हो गया.
इसरो प्रमुख ने कहा कि अगली प्रमुख घटना 2 सितंबर को होगी जब लैंडर को ऑर्बिटर से अलग किया जाएगा. 3 सितंबर को हमारे पास लगभग 3 सेकेंड के लिए एक छोटा युद्धाभ्यास होगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि लैंडर की प्रणालियां सामान्य रूप से चल रही हैं. उन्होने बताया कि 7 सितंबर को चंद्रयान-2 सुबह 1:55 बजे चंद्रमा पर उतरेंगे.
अंतरिक्ष एजेंसी के बेंगलुरु मुख्यालय ने एक बयान में कहा कि ‘लूनर ऑर्बिट इंसर्शन (एलओआई) प्रक्रिया सुबह नौ बजकर दो मिनट पर सफलतापूर्वक पूरी हुई. प्रणोदन प्रणाली के जरिए इसे संपन्न किया गया. इसरो ने कहा, यह पूरी प्रक्रिया 1,738 सेकेंड की थी और इसके साथ ही चंद्रयान 2 चंद्रमा की कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित हो गया. इसरो ने कहा कि इसके बाद यान को चंद्रमा की सतह से लगभग 100 किलोमीटर की दूरी पर चंद्र ध्रुवों के ऊपर से गुजर रही इसकी अंतिम कक्षा में पहुंचाने के लिए चार और कक्षीय प्रक्रियाओं को अंजाम दिया जाएगा. अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि इसके बाद लैंडर विक्रम दो सितंबर को ऑर्बिटर से अलग हो जाएगा. इसरो ने कहा कि सात सितंबर को चंद्रमा की सतह पर ‘साॉफ्ट लैंडिंग कराने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले लैंडर संबंधी दो कक्षीय प्रक्रियाओं को अंजाम दिया जाएगा. बेंगलूरु के नजदीक ब्याललू स्थित इंडियन डीप स्पेस नेटवर्क (आईडीएसएन) के एंटीना की मदद से बेंगलूरू स्थित ‘इसरो, टेलीमेट्री, ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क (आईएसटीआरएसी) के मिशन ऑपरेशन्स कांप्लेक्स (एमओएक्स) से यान की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. इसरो ने कहा कि अगली कक्षीय प्रक्रिया बुधवार को दोपहर साढ़े 12 से डेढ़ बजे के बीच की जाएगी.