Monday , 26 August 2019

प्रधानमंत्री का स्वतंत्रता दिवस पर बड़ी बात, हम समस्याओं को न टालेंगे और न पालेंगे…!

प्रधानमंत्री ने 73वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हम समस्याओं को टालते भी नहीं और पालते भी नहीं हैं. एक तरह से प्रधानमंत्री ने देश वासियों को भरोशा दिया कि समस्याओं को अब न टालने का समय है और न ही पालने का समय है. सरकार बनने के 70 दिनों भीतर संसद के दोनों सदनों ने अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाने के निर्णय का अनुमोदन किया.’’  मोदी ने कहा, ‘‘देशवासियों ने जो काम दिया, हम उसे पूरा कर रहे हैं.’’

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन को लेकर हर सरकार ने कुछ न कुछ प्रयास किया, लेकिन इच्छा के अनुरूप परिणाम नहीं मिले हैं. मोदी ने कहा, ‘‘ जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के सपनों को पंख लगें, यह हम सबकी जिम्मेदारी है. प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘जो लोग अनुच्छेद 370 की वकालत कर रहे हैं उनसे देश पूछ रहा है कि अगर यह इतना ही महत्वपूर्ण था तो इसे आप लोगों ने स्थायी क्यों नहीं किया, अस्थायी क्यों बनाए रखा ?’’  उन्होंने कहा, ‘‘नयी सरकार को 10 हफ्ते भी नहीं हुए हैं, लेकिन इस छोटे से कार्यकाल में सभी क्षेत्रों में हर प्रयास को बल दिया गया है, हम पूरे समर्पण के साथ सेवारत हैं.’’

मोदी ने कहा कि अब चर्चा एक देश एक चुनाव को लेकर है, यह देश को महान बनाने के लिए अनिवार्य है. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और कालाधन समाप्त करने के लिये उठाया गया हर कदम स्वागत योग्य है क्योंकि इन समस्याओं के कारण देश को पिछले 70 साल में काफी नुकसान हुआ है. उन्होंने कहा ‘‘हम हमेशा ईमानदारी को पुरस्कृत करेंगे.’’ मोदी ने कहा, ‘‘आज देश में 21वीं सदी की आवश्यकता के मुताबिक, आधुनिक बुनियादी ढांचे का निर्माण हो रहा है. देश के बुनियादी ढांचे के निर्माण पर 100 लाख करोड़ रुपए का निवेश करने का फैसला किया गया है.’’

प्रधानमंत्री ने 73वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बृहस्पतिवार को ‘चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ’ (सीडीएस) का पद सृजित किए जाने की महत्वपूर्ण घोषणा की और साथ ही देश में जनसंख्या नियंत्रण और ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ की जरूरत पर जोर दिया. जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के कई प्रावधान हटाने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने के सरकार के कदम की पृष्ठभूमि में मोदी ने कहा ‘‘हम समस्याओं को न टालते हैं, न पालते हैं. अब समस्याओं को टालने और पालने का समय नहीं है. उन्होंने कहा, ‘‘देशवासियों ने जो काम दिया, हम उसे पूरा कर रहे हैं.’’

प्रधानमंत्री ने देश में जनसंख्या विस्फोट पर चिंता जताते हुए कहा कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए नयी चुनौतियां पेश करता है. मोदी ने कहा कि इससे निपटने के लिए केन्द्र और राज्य सरकारों को कदम उठाने चाहिए. उन्होंने कहा कि बेतहाशा बढ़ रही जनसंख्या चिंता का विषय है और समाज का एक छोटा वर्ग जो अपना परिवार छोटा रखता रहा है, वह सम्मान का हकदार है. जो वे कर रहे हैं वह एक प्रकार की देशभक्ति है. यह पहली बार है जब मोदी ने जनसंख्या का मुद्दा उठाया है. हालांकि भाजपा के कुछ नेता इस पर खुल कर बात करते हैं.

मोदी ने कहा कि अगर जनता शिक्षित और स्वस्थ है तो देश भी शिक्षित और स्वस्थ बनेगा. प्रधानमंत्री मोदी ने देश में आबादी नियंत्रण के लिये छोटे परिवार पर जोर दिया और कहा कि आबादी समृद्ध हो, शिक्षित हो तो देश को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता. तीन तलाक के खिलाफ हाल ही में संसद से पारित विधेयक का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाया गया और आतंकवाद के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ने के लिए आतंकवाद विरोधी कानून में संशोधन भी किया गया. लाल किले के प्राचीर से दिए गए भाषण में मोदी ने महत्वपूर्ण ऐलान करते हुए कहा कि सेना के तीन अंगों के प्रमुख के तौर पर ‘चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ’ (सीडीएस) का पद सृजित किया जाएगा.

मोदी ने 73वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से अपने भाषण में यह महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि सीडीएस सेना के तीनों अंगों के बीच तालमेल सुनिश्चित करेगा और उन्हें प्रभावी नेतृत्व देगा. प्रधानमंत्री ने लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ कराने की जरूरत पर एक बार फिर जोर देते हुए कहा कि ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ की अवधारणा देश को महान बनाने के लिए आवश्यक है. उन्होंने कहा कि जीएसटी ने ‘एक देश, एक कर‘ के सपने को सच किया और भारत ने ऊर्जा के क्षेत्र में एक देश, एक ग्रिड की उपलब्धि भी हासिल की है.