Tuesday , 11 August 2020

प्रवर्तन निदेशालय ने राणा कपूर एवं अन्य की 2,200 करोड़ की संपत्तियां जब्‍त की

मुंबई.प्रवर्तन निदेशालय ने यस बैंक मनी लांड्रिंग से जुड़े मामले में बैंक के सह संस्थापक राणा कपूर और अन्य लोगों की लगभग 2,800 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच कर दी है. इनमें कुछ विदेशी संपत्तियां भी शामिल हैं. अधिकारियों ने बताया कि डीएचएफएल के प्रमोटर कपिल और धीरज वधावन की संपत्तियों को भी अटैच किया गया है. जांच एजेंसी ने कहा कि इसने मनी लांड्रिंग निरोधक अधिनियम के तहत 2,203 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच करने के लिए अंतरिम आदेश जारी किया है. ईडी ने कहा कि अटैच की गई संपत्तियों का बाजार मूल्य 2,800 करोड़ रुपये से ज्यादा है. इनमें भारत और विदेश स्थित अचल संपत्तियां, बैंक खाते, निवेश और लक्जरी वाहन शामिल हैं. प्रवर्तन निदेशालय जल्द ही इस मामले में एक पूरक आरोपपत्र दायर करने वाला है.
इस साल मई में निदेशालय ने राणा कपूर, उनकी पत्नी बिंदु कपूर, उनकी बेटियों रोशनी, राखी और राधा के खिलाफ पहला आरोपपत्र दाखिल किया था. इसमें जांच एजेंसी ने डीएचएफएल सहित अन्य कंपनियों को संदिग्ध लोन देने का आरोप लगाया था. कपूर की जिन संपत्तियों को अटैच किया गया है, उनमें दिल्ली के अमृता शेरगिल मार्ग स्थित बंगला और मुंबई में कई रिहायशी परिसर शामिल हैं. इन संपत्तियों की कीमत 792 करोड़ रुपये है, लेकिन इनका मौजूदा बाजार मूल्य 1,400 करोड़ रुपये है. जहां तक वधावन बंधुओं का सवाल है, उनकी 1,411.9 करोड़ की संपत्तियों को अटैच किया गया है. इनमें मुंबई के खार इलाके में एक दर्जन फ्लैट, न्यूयार्क में एक फ्लैट, लंदन में दो फ्लैट, पुणे और मुलशी में दो भूखंड, ऑस्ट्रेलिया में वाणिज्यिक संपत्ति, पांच लक्जरी वाहन और 344 बैंक खाते शामिल हैं. ईडी ने कपूर, उनके परिवार के सदस्यों और अन्य पर रिश्वत लेकर 4,300 करोड़ रुपये की मनी लांड्रिंग का आरोप लगाया है. बदले में उन्होंने कंपनियों को बड़ा लोन दिया, जो बाद में गैर निष्पादित संपत्तियों (एनपीए) में बदल गया.
कपूर और वधावन बंधुओं को ईडी ने इसी साल गिरफ्तार किया था और फिलहाल वे न्यायिक हिरासत में हैं. हाल ही में सीबीआइ ने भी डीएचएफएल प्रमोटरों से कथित तौर पर 600 करोड़ रुपये रिश्वत लेने के मामले में राणा कपूर, उनकी पत्नी बिंदू और बेटी रोशनी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. मुंबई की एक विशेष सीबीआइ अदालत के समक्ष दाखिल आरोपपत्र में दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (डीएचएफएल), कपिल वधावन, उनके भाई राजेश, बिलीफ रियल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड, आरकेडब्ल्यू डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड और डीओआइटी अर्बन वेंचर्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के नाम शामिल हैं. इन आरोपियों के खिलाफ और भारतीय दंड संहिता की धारा 120 बी (आपराधिक साजिश), 420 (धोखाधड़ी) और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के प्रावधानों के तहत आरोप लगाए गए हैं.