Friday , 20 July 2018

बारिश में बच्चों का रखें विशेष ध्यान

बरसात का मौसम बच्चों को बेहद भाता है क्योंकि इस दौरान उन्हें पानी में खेलने का अच्छा मौका मिलता है.
बच्चे इस दौरान जानबूझकर पानी में खेलना, कूदना और कागज की नाव चलाना चाहते हैं. ऐसे में उनको रोका नहीं जा सकता पर कुछ सावधानियां रखी जा सकती हैं. बारिश में अधिक समय तक भीगने से वे बीमार हो सकते हैं. ऐसे मौसम में आप की जिम्मेदारी अपने बच्चों के प्रति काफी बढ़ जाती हैं क्योंकि बच्चा नहीं जानता कि बारिश में भीगने से क्या हो सकता है.
बारिश में एक उमंग और उत्साह होता है, ऐसे में बच्चे जानबूझकर पानी में खेलना ,कूदना , छाता लेकर इधर – उधर घूमना या रेनकोट पहनकर बाहर लॉन में छपाक – छपाक करना बहुत पसंद करते हैं. छोटे बच्चो को पानी में भीगते हुए स्कूल जाना लगता हैं. इस स्थिति में आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा.
अपने बच्चे के कमरे का तापमान सामान्य रखे. सीलन न होने दें.
कमरे की सफाई पर विशेष ध्यान दे जिससे मक्खी, मच्छर और कीड़े न हों.
उनके कमरे में पर्याप्त हवा आने दे.
शाम के समय खिड़की – दरवाज़े बंद कर दे ताकि मच्छर और कीड़े आदि कमरे में ना आ सके.
बच्चे यदि बारिश के पानी में भीग जाते हैं तो गुनगुने पानी में डेटोल के कुछ बूंदे डालकर उन्हें स्नान कराए.
सूखे तौलिये से बच्चे के शरीर को पोछें. सरसों के तेल से बच्चे के शरीर की हलकी मालिश कर दें.
बच्चे के पैरों को साफ पानी से धुलवा कर तौलिये से सुखवा दें.
गर्म दूध में हल्दी डालकर बच्चे को पिलाएं.
खाना ताज़ा और गर्म ही खिलाए.
अदरक ,हल्दी और अन्य जड़ीबूटियों को बच्चे की खुराक में शामिल करें.
अपने बच्चे को गर्म पेय पदार्थ पीने को दें.
फलों को खिलाने के लिए अच्छी तरह से धो कर ही खिलाए.
सब्जी बनाने से पहले गर्म पानी से अच्छी तरीके से धो लें.
सलाद और कच्चे अंडे से परहेज करें.
लस्सी, छाछ और दही बच्चे को ना दें.
इस मौसम में बच्चे को फ़िल्टर का पानी या उबला हुआ ही पानी दें.
बच्चे के शरीर में पानी की कमी ना होने दें , उसे थोड़ी – थोड़ी देर पर पानी आदि पिलाते रहे. गर्मी अधिक होने पर पसीने के रूप में शरीर से पानी निकल जाता हैं और डिहाइड्रेशन की शिकायत हो जाती हैं.
बारिश में बच्चों का खेलते समय रखें ध्यान (23एफटी01एचओ)
बरसात का मौसम बच्चों को बेहद भाता है क्योंकि इस दौरान उन्हें पानी में खेलने का अच्छा मौका मिलता है.
बच्चे इस दौरान जानबूझकर पानी में खेलना, कूदना और कागज की नाव चलाना चाहते हैं. ऐसे में उनको रोका नहीं जा सकता पर कुछ सावधानियां रखी जा सकती हैं. बारिश में अधिक समय तक भीगने से वे बीमार हो सकते हैं. ऐसे मौसम में आप की जिम्मेदारी अपने बच्चों के प्रति काफी बढ़ जाती हैं क्योंकि बच्चा नहीं जानता कि बारिश में भीगने से क्या हो सकता है.
बारिश में एक उमंग और उत्साह होता है, ऐसे में बच्चे जानबूझकर पानी में खेलना ,कूदना , छाता लेकर इधर – उधर घूमना या रेनकोट पहनकर बाहर लॉन में छपाक – छपाक करना बहुत पसंद करते हैं. छोटे बच्चो को पानी में भीगते हुए स्कूल जाना लगता हैं. इस स्थिति में आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा.
अपने बच्चे के कमरे का तापमान सामान्य रखे. सीलन न होने दें.
कमरे की सफाई पर विशेष ध्यान दे जिससे मक्खी, मच्छर और कीड़े न हों.
उनके कमरे में पर्याप्त हवा आने दे.
शाम के समय खिड़की – दरवाज़े बंद कर दे ताकि मच्छर और कीड़े आदि कमरे में ना आ सके.
बच्चे यदि बारिश के पानी में भीग जाते हैं तो गुनगुने पानी में डेटोल के कुछ बूंदे डालकर उन्हें स्नान कराए.
सूखे तौलिये से बच्चे के शरीर को पोछें. सरसों के तेल से बच्चे के शरीर की हलकी मालिश कर दें.
बच्चे के पैरों को साफ पानी से धुलवा कर तौलिये से सुखवा दें.
गर्म दूध में हल्दी डालकर बच्चे को पिलाएं.
खाना ताज़ा और गर्म ही खिलाए.
अदरक ,हल्दी और अन्य जड़ीबूटियों को बच्चे की खुराक में शामिल करें.
अपने बच्चे को गर्म पेय पदार्थ पीने को दें.
फलों को खिलाने के लिए अच्छी तरह से धो कर ही खिलाए.
सब्जी बनाने से पहले गर्म पानी से अच्छी तरीके से धो लें.
सलाद और कच्चे अंडे से परहेज करें.
लस्सी, छाछ और दही बच्चे को ना दें.
इस मौसम में बच्चे को फ़िल्टर का पानी या उबला हुआ ही पानी दें.
बच्चे के शरीर में पानी की कमी ना होने दें , उसे थोड़ी – थोड़ी देर पर पानी आदि पिलाते रहे. गर्मी अधिक होने पर पसीने के रूप में शरीर से पानी निकल जाता हैं और डिहाइड्रेशन की शिकायत हो जाती हैं.
बारिश के बाद घर के आस – पास पानी इकठा हो जाता हैं जिसमें कीड़े, मकोड़े और मछर अपना घर बना लेते हैं , वहां बच्चे को ना जाने दें.
बच्चों को गीले कपड़े और मोज़े ना पहनने दें ,नहीं तो संक्रमण होने का डर रहता हैं.
बारिश के मौसम में बच्चे को ढीले सूती कपड़े पहनाए ,जिससे उनके शरीर में हवा लगाती रहे.
बच्चा जब खेल कर वापस आए ,तो उसके कपड़े बदलवा दें.
किसी टैलकम या मेडिकेटेड पाउडर का प्रयोग करें. घर में मौजूद कूलर का पानी रोज़ बदले ,नहीं तो घर में मछर पनपनें लगेंगे.
रात को सोते समाये मछरदानी अवश्य लगवाए.
बारिश के मौसम में किसी भी तरह का संक्रमण जल्दी होता हैं , इसलिए अपने बच्चे के शरीर की सफाई का ध्यान दें.
अपने बच्चे के कपड़े को डेटोल के पानी से अवश्य धोए.
बच्चे के इस्तेमाल की जाने वाली प्रत्येक वास्तु की साफ-सफाई का ध्यान रखें.
बारिश का मौसम जितना खुशनुमा और आनंददायक होता हैं, उतना ही बच्चों के स्वास्थय सम्बन्धी समस्याए लेकर आता हैं ,लेकिन अगर समझदारी से बच्चे की देख-भाल की जाए तो ये समस्याए बहुत ही आसानी से दूर हो जाएगी.

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