Wednesday , 3 June 2020

भाकपा ने वामपन्थी ट्रेड यूनियनों के 22 मई के विरोध दिवस का किया पूर्ण समर्थन

अयोध्या. कोरोना वायरस के कारण अनेकों मुश्किलें झेल रही जनता के ऊपर केंद्र की भाजपा सरकार लगातार हमले कर रही हैं.लाकडाउन के दौरान सरकारों द्वारा मजदूरों, किसानों के हितों के विरुद्ध लगातार कड़े फैसले लिए जा रहे हैं. उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार मजदूरों और किसानों पर हमला करने से सबसे आगे है . योगी आदित्यनाथ की भाजपा सरकार ने 3 साल के लिए श्रम कानूनों को निरस्त करके मजदूरों को मालिकों का गुलाम बनाने तथा मंडी कानूनों में संशोधन करके किसानों को बड़ी कंपनियों के हवाले करने का काम किया है. देशभर में मजदूरों और कर्मचारियों की बढ़ती दुर्दशा और उत्पीड़न के विरोध में देश के सभी वामपन्थी ट्रेड यूनियनों ने दिनांक 22 मई 2020 को पूरे देश भर में विरोध दिवस मनाने का ऐलान किया है, जिसका भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी ने  पूर्ण समर्थन करने की घोषणा की है.अयोध्या जनपद की भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला मंत्री कामरेड रामतीर्थ पाठक ने केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण लाकडाउन के दौरान उत्पन्न हुई परिस्थितियों से मेहनतकश आवाम व कर्मचारियों के हो रहे उत्पीड़न के विरोध में होने वाले देशव्यापी विरोध दिवस का समर्थन करते हुए केंद्र व प्रदेश सरकार के द्वारा किए जा रहे श्रम कानूनों के खात्मे और मंडी कानूनों में किये गये संशोधनों की आलोचना करते हुए तत्काल प्रभाव से उन्हें वापस लेने तथा विभिन्न राज्यों में फंसे हुए मजदूरों को उनके घरों तक सकुशल पहुंचाने की मांग करते हुए उन्हें जीवन यापन करने के लिए सरकार द्वारा कम से कम ₹10000 प्रतिमाह देने की मांग की है. जिला मंत्री कामरेड पाठक ने पार्टी के सभी साथियों से अपील की है कि वह भी अपने स्तर से सरकार की गलत नीतियों का विरोध करें और संभव हो तो महामहिम राष्ट्रपति व महामहिम राज्यपाल के पास ज्ञापन भी भेजें.