Thursday , 19 September 2019

भारत को बड़ी सफलता, चंद्रमा की कक्षा में पहुंचा चंद्रयान-2

नई दिल्ली.चंद्रयान-2 मंगलवार सुबह चंद्रमा की कक्षा में स्थापित हो गया और इसके साथ ही भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के नाम एक और बड़ी उपलब्धि हो गई. चंद्रयान-2 आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित प्रक्षेपण केंद्र से 22 जुलाई को प्रक्षेपित किया गया था. अब इसरो कक्षा के अंदर स्पेसक्रॉफ्ट की दिशा में चार बार (21, 28, 30 अगस्त, 1 सितंबर) और परिवर्तन करेगा. इसके बाद यह चंद्रमा के ध्रुव के ऊपर से गुजरकर उसके सबसे करीब 100 किलोमीटर की दूरी की अपनी अंतिम कक्षा में पहुंच जाएगा. फिर विक्रम लैंडर, 2 सितंबर को चंद्रयान-2 से अलग होकर चंद्रमा की सतह पर उतरेगा.
इसरो ने बताया कि चंद्रमा की सतह पर 7 सितंबर को लैंडर से उतरने से पहले धरती से दो कमांड दिए जाएंगे, ताकि लैंडर की गति और दिशा सुधारी जा सके और वह सतह पर हल्के से उतरे. चंद्रयान-2 को 22 जुलाई को धरती पर से अंतरिक्ष में रवाना किया गया था. इसका प्रक्षेपण देश के भारी वजन उठाने वाले रॉकेट जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लांच वेहिकल – मार्क 3 (जीएसएलवी एमके 3) से किया गया था. इस स्पेसक्राफ्ट के तीन खंड हैं, जिसमें ऑर्बिटर (वजन 2379 किलोग्राम, आठ पेलोड के साथ), लैंडर विक्रम (1471 किलोग्राम, चार पेलोड के साथ) और रोवर प्रज्ञान 9 (वजन 27 किलोग्राम, दो पेलोड के साथ) शामिल हैं.