Wednesday , 11 December 2019
मरने के बाद भी दो लोगों की जिंदगी रोशन कर गए डॉक्टर अरजरिया

मरने के बाद भी दो लोगों की जिंदगी रोशन कर गए डॉक्टर अरजरिया

छतरपुर. किसी सामाजिक आंदोलन की अलख जगाने के लिए मात्र एक व्यक्ति की कोशिश भी इतिहास बना सकती है. ऐसी ही एक छोटी सी पहल से छतरपुर में एक और नेत्रदान का प्रयास सफल रहा.लम्बे समय तक पशुचिकित्सा विभाग में उप संचालक के पद पर पदस्थ रहे डॉ.श्याम सुंदर अरजरिया का मंगलवार की सुबह 83 वर्ष की आयु में निधन हो गया.

उनके निधन की जानकारी मिलते ही व्यवसायी अन्नी अग्रवाल उनके निवास पर पहुंचे और अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए शोकाकुल परिजनों को नेत्रदान करने का सुझाव दिया. जिसे परिजनों ने तुरंत स्वीकार कर लिया. अन्नी ने तत्काल सतना में मौजूद मेडिकल टीम को बुलाकर मात्र चार घंटे में नेत्रदान की प्रक्रिया पूर्ण कराई. जिससे डॉ. अरजरिया की आंखों से दो लोगों की जिंदगी रोशन हो जाएगी.गौरतलब है कि कुछ माह पूर्व अन्नी सेठ के पिता प्रेमनारायण अग्रवाल का निधन हो गया था और उनके परिजनों ने नेत्रदान की शुरुआत की थी.

चित्रकूट स्थित श्री सदगुरु नेत्र चिकित्सालय द्वारा एक ऐसी मेडिकल टीम गठित की गई है जो नेत्रदान की जानकारी प्राप्त होते ही तुरंत मौके पर पहुंच जाती है और मात्र 15 मिनट में नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी कर लेती है.शोकाकुल डॉ.अरजरिया के परिवार के इस उल्लेखनीय योगदान की जानकारी मिलते ही तमाम लोग उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने पहुंच रहे हैं. श्री हनुमान टौरिया सेवा समिति ने डॉ.अरजरिया के परिवार को सम्मानित करने की घोषणा की है.

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