Wednesday , 8 July 2020

मेडारम मेले में डेढ़ करोड़ श्रद्धालुओं ने नवाया शीश

बीजापुर.छत्तीसगढ़ की सीमा से सटे तेलंगाना के मेडारम में दो साल में एक बार आयोजित होने वाले चार दिवसीय जात्रा में इस बार देश-विदेश के करीब डेढ़ करोड़ लोगों ने शीश नवाया. इसे आदिवासियों का महाकुंभ भी कहा जाता है. समक्का-सारालम्मा के दरबार में करीब सौ लाख मीट्रिक टन गुड़ का चढ़ावा हुआ. मन्नत पूरी होने के बाद लोग अपने वजन के बराबर सोने के तौर पर गुड़ का चढ़ावा चढ़ाते हैं. यूनेस्को ने इसे सांस्कृतिक धरोहर घोषित किया है. तेलंगाना में वारंगल से सौ किमी दूर मेडारम नामक स्थान पर यह मेला आयोजित किया गया.
इस वर्ष मेले के लिए तेलंगाना सरकार ने 110 करोड़ रुपये का बजट रखा था जबकि इसकी सुरक्षा के लिए दो आइजी, छह एसपी समेत 12 हजार जवान तैनात किए गए थे. श्रद्धालुओं को मेला स्थल तक पहुंचाने के लिए महाराष्ट्र, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ से करीब 10 हजार बसों का संचालन भी किया गया था. बताया जा रहा है कि इस बार मेले में करीब डेढ़ करोड़ लोगों ने शिरकत की. करीब 25 से 30 लाख बकरे और मुर्गों की बलि दी गई.