Friday , 3 April 2020

राहुल गांधी ने कहा- गरीबों के खातों में सीधे पैसे डाले जाएं और व्यापारियों को टैक्स में छूट मिले

नई दिल्ली:पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को ट्वीट किया कि हमारा देश इस वक्त कोरोनावायरस से लड़ाई लड़ रहा है. आज यह सवाल है कि हम ऐसा क्या करें की कम से कम लोगों की मौत हो? हालात को काबू में करने के लिए सरकार की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है. मेरा ऐसा मानना है कि इस वायरस से निपटने के लिए हमारी रणनीति दो हिस्सों में बंटी होनी चाहिए. पहली यह कि हमें कोरोना का डटकर मुकाबला करना है. संक्रमण रोकने के लिए आइसोलेशन में रहना होगा और बड़े पैमाने पर मरीजों की जांच करनी होगी. शहरी इलाकों में आपातकालीन अस्थाई अस्पताल बनाने होंगे. इसमें आईसीयू की सुविधा उपलब्ध करानी होगी.

दूसरी रणनीति अर्थव्यवस्था को लेकर है. मौजूदा हालात में दिहाड़ी मजदूरों को तुंरत सहायता चाहिए क्योंकि, देश 21 दिन के लिए लॉकडाउन हो गया है. काम-धंधा ठप है. ऐसे में मजदूरों के खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर स्कीम के जरिए पैसे पहुंचाए जांए. इन्हें मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जाए. साथ ही व्यापारियों को टैक्स में छूट के साथ आर्थिक सहायता भी मिले ताकि नौकरियां बच जाएं. सरकार को छोटे-बड़े व्यापारियों को ठोस आश्वासन देना होगा.

कांग्रेस ने कहा- ‘न्याय’ योजना लागू करें प्रधानमंत्री
कांग्रेस ने बुधवार को कहा था कि देश में कोरोनावायरस से पैदा हुए हालात से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राहुल गांधी द्वारा पेश की गई न्यूनतम आय गांरटी योजना (न्याय) लागू करके किसानों, मजदूरों और गरीबों के खातों में तुरंत 7,500 रुपए डालने चाहिए. पिछले लोकसभा चुनाव के समय तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने न्याय योजना के तहत देश के करीब 5 करोड़ गरीब परिवारों को सालाना 72 हजार रुपए देने का वादा किया था.

कोरोना से निपटने के लिए 21 दिन के लॉकडाउन का ऐलान 

प्रधानमंत्री मोदी ने देश के लोगों से कोरोनावायरस की गंभीरता को समझने और घरों में रहने की अपील करते हुए मंगलवार को 21 दिनों के लिए देशव्यापी लॉकडाउन का ऐलान किया था.