Monday , 26 August 2019

रेल बोर्ड चेयरमैन विनोद यादव से मिले AIRF और उत्पादन इकाइयों के नेता

नई दिल्ली.वेस्टर्न रेलवे एम्प्लॉयीज यूनियन के प्रचार – प्रसार प्रभारी साथी संजय सूर्यबली ने मीडिया को ये जानकारी दी देते हुए बताया कि कल शाम दिल्ली में AIRF और उत्पादन इकाइयों के नेताओं की बोर्ड चेयरमैन से मुलाकात की जिसमे निगमीकरण को लेकर बैठक हुई. आँल इंडिया रेलवे मेन्स फैडरेशन के महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा की अगुवाई में देश भर के रेल प्रोडक्शन यूनिट के जोनल नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल चेयरमैन रेलवे बोर्ड विनोद यादव से मिला और कहाकि कि जब प्रोडक्शन यूनिट पूरी कामयाबी के साथ अपना काम कर रहे हैं, फिर इसके निगमीकरण की बात क्यों की जा रही है. लेकिन AIRF अपने किसी भी साथी के बिना कोई भी फैसला कर्मचारियों की सहमति के बिना नहीं होगा और ऐसा भी कोई फैसला नहीं होगा, जो कर्मचारियों के खिलाफ हो. रेलवे बोर्ड के कमेटी रुम में हुई इस मुलाकात के दौरान महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा ने कहाकि 100 दिन की कार्ययोजना से प्रोडक्शन यूनिट के कर्मचारियों मे नाराजगी है, सभी प्रोडक्शन यूनिट अपने लक्ष्य से ज्यादा रिकार्ड उत्पादन कर रहे है, जबकि सभी जगह काफी वैकेंसी है.
एक तरह प्रोडक्शन यूनिट की संसद में तारीफ की जा रही है, उन्हें अच्छे काम के लिए शील्ड प्रदान किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इन्हें निगम में तब्दील करने की भी बात हो रही है. कर्मचारियों की क्षमता और काबीलियत पर किसी को कोई शक नहीं है. उन्होंने जोर देकर कहाकि फिलहाल निगमीकरण पर कोई फैसला नहीं लिया गया है. स्टडी होने दीजिए, दुनिया को हमारी असलियत की जानकारी होगी, इस स्टडी से किसी को घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि इससे हमारे काम पर प्रगति का ठप्पा लग जाएगा. चेयरमैन यादव ने बताया कि अगले 10 – 15 साल में भारतीय रेल को एक बड़े बदलाव की ओर ले जाने की योजना है. इसमें 50 लाख करोड रुपये का इन्वेस्टमेंट प्रस्तावित है. कोशिश हो रही है कि देश में ट्रेन आँन डिमांड हो.
मेक इन इंडिया के तहत न सिर्फ बुलेट ट्रेन चलाने की योजना है, बल्कि कोशिश होगी कि बुलेट ट्रेन का उत्पादन भी देश में ही हो. महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा ने कहाकि आज कर्मचारियों को तकलीफ इस बात की है, जहां बेहतर काम करने पर पुरस्कार दिया जाता है, वहीं रेल के कर्मचारियो को निगम का तोहफा दिया जा रहा है. इससे न सिर्फ कर्मचारियों बल्कि उनके परिवार के लोग भी सशंकित हैं. AIRF के कोषाध्यक्ष जे आर भोसले ने कहाकि उत्पादन इकाइयों के कर्मचारी खुद को अकेला महसूस नकरें, AIRF का सभी जोनल यूनिट आपके संघर्ष में बराबर की भागेदारी करेगी.