Thursday , 9 April 2020

व्यापारियों समाजसेवियों अधिवक्ताओं ने की बिजली का बिल व केसीसी का ब्याज माफ करने की मांग

रामनगर बाराबंकी.कोरोना महामारी के चलते लोग घरों में कैद हो गए हैं.उनके सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है. ऐसे में बिजली का बिल व किसान क्रेडिट कार्ड का ब्याज माफ होने की मांग होने लगी है. प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 21 दिनों के लिए लाक डाउन करने की घोषणा के बाद ही लोग घरों में कैद हो गए हैं सड़कों पर सन्नाटा पसरा है. इसके पहले ओलावृष्टि से भी किसानों की फसलें बर्बाद हो चुकी है.अर्थव्यवस्था पूरी तरह से तहस-नहस हो गई है.अब लोगों को आजीविका चलाने में दिक्कतें हो रही हैं.ऐसे में व्यापार मंडल के अध्यक्ष रवि कांत पांडे सभासद संत कुमार उपाधयाय, शुभम जायसवाल अवनीश मिश्रा,सपा नेता जय सिंह यादव, नरेंद्र प्रताप सिंह टिल्लू,व्यापारी अशोक उपाध्याय समाजसेवी राजीव अवस्थी सहित कई लोगो ने मुख्यमंत्री से मांग की है.आपदा की इस घड़ी में कम से कम जब तक लाख डाउन रहे उस समय का बिजली बिल व केसीसी का ब्याज माफ कर दिया जाए. ताकि लोग अपने बच्चों का पेट भर सके.इसी प्रकार उन लोगों के लिए जो दैनिक पारिश्रमिक पर कार्य करते थे. उनको भी कुछ राहत देने की जरूरत है.बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश चंद्र शुक्ला ने भी कहा अधिवक्ताओं को कोई मानदेय नहीं मिलता है.वह भी दैनिक पर पारिश्रमिक पर काम करते हैं. उनका भी काम बंद है. उनके लिए भी कोई राहत की घोषणा की जाए.तमाम ऐसे मजदूर हैं जो पंजीकृत नहीं है.जो ठेलिया रिक्शा आदि चलाते हैं. उनको भी राहत देने की आवश्यकता है.