Sunday , 28 November 2021
सऊदी अरब पर ड्रोन हमले से महंगा हुआ कच्चा तेल

सऊदी अरब पर ड्रोन हमले से महंगा हुआ कच्चा तेल

सऊदी अरब.दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको के दो बड़े ठिकानों अबकैक और खुरैस ऑयल प्लांट पर ड्रोन हमले के बाद दुनिया भर में तेल की कीमतों पर असर देखने को मिला है. तेल बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 19 फीसदी का उछाल आया है. बता दें कि कच्चे तेल के दाम बढ़ने के बाद भारत में लगातार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा देखने को मिल रहा है. सऊदी अरब और अमेरिका ने इस हमले के लिए तेहरान समर्थित हाउती विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया और ईरान को अंजाम भुगतने की चेतावनी दी है. हालांकि ईरान ने ऐसे किसी भी आरोप से इनकार किया है. सऊदी अरब के इन प्लांट पर हमले के बाद यहां का उत्पादन आधा हो गया है. सोमवार को कच्चे तेल की कीमतें 19 फीसदी बढ़कर 71.95 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गई हैं. इसके बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ने का सीधा असर भारतीय बाजार पर भी होगा. यहां भी पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस के दाम में बढ़ोतरी हो सकती है.
अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने सऊदी अरब के तेल क्षेत्र में ड्रोन हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है, जिससे देश की तेल क्षमता का लगभग आधा हिस्सा या दैनिक वैश्विक तेल आपूर्ति का 5 फीसदी बाधित हुआ है. हमले के बाद, पोंपियो ने ट्वीट कर कहा, “सऊदी अरब पर करीब 100 हमलों के पीछे तेहरान का हाथ है जबकि राष्ट्रपति हसन रूहानी और विदेश मंत्री मोहम्मद जावद जरीफ कूटनीति में शामिल होने का दिखावा करते हैं. तनाव कम करने के आह्वान के बीच ईरान ने अब दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति पर जबरदस्त हमला किया है.”
शनिवार को 10 ड्रोन से किए गए हमलों से सऊदी अरब के सबसे बड़े तेल क्षेत्रों में से एक हिजरा खुरैस, जो प्रतिदिन लगभग 15 लाख बैरल का उत्पादन करता है और दुनिया के सबसे बड़े कच्चे तेल के भंडार वाले अबकैक जो 70 लाख बैरल तेल प्रोसेस करता है, को निशाना बनाया गया. हाल ही में अरामको कंपनी ने भारत में तेल और गैस की बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज में निवेश करने का एलान किया था. यह पहली बार नहीं है कि अरामको को आतंकवादियों ने निशाना बनाया हो. साल 2006 में भी अलकायदा के आतंकवादियों ने इस तेल कंपनियों पर हमला करने की कोशिश की थी.